हम खुद ही चलें जायेंगें तेरा शहर छोड़ के...भजन गीत-
ग्राम पंचायत-केसल, जिला-संबलपुर (उत्तरप्रदेश) से योगेन्द्र एक भजन गीत सुना रहे हैं:
हम खुद ही चलें जायेंगें तेरा शहर छोड़ के-
यैसे ना जा खफा हो के मुह मुझसे मोड़ के-
हम खुद ही चलें जायेंगें तेरा शहर छोड़ के-
जो मेने जो कुछ पाया हो मेरा वो आस्था-
ये कैसे केद हो तुझे कि तू है बेवफा-
हम खुद ही चलें जायेंगें तेरा शहर छोड़ के...
Posted on: Jun 14, 2022. Tags: SAMBLPUR SONG UEHINDI YOGENDRA
हर जी अपना हम भाने का दे...देशभक्ति गीत
बन्दोंसिंह, जिला-उमरिया, मध्यप्रदेश से एक गीत सुना रहें है:
हर जी अपना हम भाने का दे-
हम जो काम में चले भारत माँ के लाज-
भारत माँ के लाज बचना सर पे कफन-
नही युद्ध के पीछे हेटगी क़ुर्बानी दे जान की-
बेटी हिन्दुस्तान ये बेटी हिन्दुस्तान-
नही युद्ध के पीछे हेटगी क़ुर्बानी दे जान की-
हर जी अपना हम भाने का दे...
Posted on: Jun 09, 2022. Tags: BANDO SINGH HINDI MP SONG UMARIYA
वादों से नहीं यादों से नहीं बातों से नहीं प्यार मिलता है...हिन्दी गीत-
रोहित कुमार जिला-प्रतापगढ़ (मानिकपुर) से एक गीत सुना रहे हैं| अधिक जानकारी के लिए इस संपर्क नंबर पर बात कर सकते हैं:
वादों से नहीं यादों से नहीं बातों से नहीं प्यार मिलता है-
ये दुनिया नहीं तो खुशियां नहीं मांगा था तुझे रब से-
दिनरात रहे तू साथ रहे तू चाहा था तुझे मैंने कब से-
वादों से नहीं यादों से नहीं बातों से नहीं प्यार मिलता है...
Posted on: Jun 08, 2022. Tags: HINDI KUMAR MANIKPUR PRATAPGADH RAJSTHAN ROHIT SONG
चले आओ चले आओ कोई वादा नहीं फिर भी...गीत
भीमप्रसाद जी उत्तरप्रदेस से सीजी नेट के श्रोताओं से गीत सुना रहे है
चले आओ चले आओ कोई वादा-
नहीं फिर भी निगाहें राह ताकती हैं-
तुम्हारा ओ हंसी चेहरा कैसे भूल सकते हैं-
तुम्हारी एक झलक देखी नजर बेताब-
रहती हैं जैसे बड़ी प्यारी हमारी चीज खो गई जैसे-
उसी दीदार के खातिर तमन्नाएं मचलती है जिसे-
मांगा दुआओं में मिला जिसको चाहा ख्यालों में
मिला ओ ख्वाब सच बनके हमे दिन के उजालों में...
Posted on: Jun 07, 2022. Tags: BHIMPRASAD UTTRPRADES HINDI SONG
मोर गाँव के गंगा के धार ऐला छोड़ के कहा जाबे का.. लोक गीत-
ग्राम डोड्मा जिला जांजगीर चापा राज्य छत्तीसगढ़ से सम्पत लाल यादव छत्तीसगढ़ी लोक गीत सुना रहें हैं :
मोर गाँव के गंगा के धार-
ऐला छोड़ के कहा जाबे का-
देवता बनके बैठे रखबार-
हमार देश कब आबे गा-
मोर गाँव के गंगा के धार...
