वनांचल स्वर: जंगल देते स्वाद और स्वास्थय साथ साथ...
ग्राम-धनेली कनार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) प्रेमलाल कोमरा बताते हैं कि इमली के बीज को आग में भूंजकर उसमें महुए के फूल को डालकर पकाते हैं| तैयार हो जाने पर खाते हैं और बाज़ार ले जाकर बेच देते हैं| सरई के फूल को भी इमली के बीज की तरह भूंजकर उसमें महुइ के फूल को डाला जाता है, इसे मैंने भी खाया है| कांदा जो जंगल में पाया जाता है, इसे घर में नहीं रखा जाता है| कांदा स्वाद में बहुत कड़वा होता है, इसे भी पकाया जाता है, कांदा को अभी भी खाया जाता है| प्रेम लाल महुए के लड्डू के भी बारे में बताते हैं, महुए को सिलबट्टे या मिक्सी से पीसकर बनाया जाता है| ये सभी स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं जैसे इमली भूने हुए बीजों को खाने से पेट का मल साफ़ होता है|(RM)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: CG KANKER PREMLAL KOMRA VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: कोरोनकाल में जड़ी बूटी देकर की लोगों की मदद...
ग्राम-कराठी, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) वीरसिंह पड्डा बताते है की कोरोना महामारी में शहरों में उत्पन्न हुआ और लोगो में फैला। मैने सुबह शाम गिलोय, उषा और तुलसी पत्ती से जड़ी बूटी बनाकर पिया। मैने गांव के लोगो को मुफ्त गिलोय भी दिया। जंगल की हवा और पानी साफ है, शहर का प्रदूषित इस वजह से शहरों में ज्यादा फैला। गांव का हवा पानी जलवायु साफ है। जिस कारण यहां रहने वाले लोगो कि प्रतिरक्षा शक्ति अच्छी है। हम लोगों ने जड़ी बूटियों का संभाल कर इस्तेमाल किया। कई जड़ी बूटियां विलुप्त होने के कगार पर भी हैं जिसको बचाना मेरे अकेले के लिए मुश्किल है। जो लोग शहर से आए थे उनको भी इन जड़ी बूटियों से फायदा हुआ।(RM)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRSING PADDA
मोर भारत माँ के माटी...छत्तीसगढ़ी लोक गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मी नारायण माली छत्तीसगढ़ी लोक गीत
सुना रहें हैं:
मोर भारत माँ के माटी-
जेकर बजर हवय छाती-
जे ला कते गा भैया-
छत्तीसगढ़ महतारी-
जेला कते ओ दीदी-
छत्तीसगढ़ महतारी...(RM)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: CG SONG
Impact : सीजीनेट में सन्देश रिकॉर्ड करने के बाद सरकार के सहायता राशि मिल गया है...
ग्राम-अलका, पोस्ट-चलगली, तहसील-वाड्रफ नगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से सूरज कुमार बता रहें हैं कि वे कक्षा दसवीं में पढ़ रहे थे, सरकार के योजना अनुसार तेंदू पत्ता तोड़ने वालों को तेंदू पत्ता कार्ड से पैसा मिलता हैं, और उन्हें नही मिलने से कई बार सम्बंधित अधिकारियों को आवेदन दिए थे, पर पैसा नही मिल रहा था, तो सीजीनेट में संदेश रिकार्ड किये थे, सितम्बर 2020 में पैसा खाते में आ गया, इसलिए सीजीनेट के सभी मददगार और सुनने वाले साथियों को धन्यवाद दे रहें हैं| सम्पर्क नम्बर@7771938285. (184857)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: IMPACT SONG
सुनी तोले ओ बाई मोर बतिया तैंय दो चारो दीदी...छत्तीसगढ़ी लोक गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से हेमन्त कुमार श्रीवास्त छत्तीसगढ़ी लोक गीत
सुना रहें हैं:
सुनी तोले ओ बाई-
मोर बतिया तैंय दो चारो दीदी-
नहीं लागे पैसा हजारो बाई-
सुनी तोले ओ बाई-
धन्य धन्य ये सृष्टी की रचना-
कैसे बनाये विधाता ओ...(RM)
