स्वास्थ्य स्वर : मुनंगा से दूध आने का घरेलू उपचार-
जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) कृष्णा बंजारे आयुर्वेदिक उपचार बता रहे हैं
दूध न आने का घरेलू उपचार मुनगा का जड़ी को चार अंगुल लेकर उसे तीन भागों में बांट दे। चावल धोने का पानी एक कटोरी लेकर उस जड़ी को पीसकर पानी में मिलाकर पिलाने से दूध आना शुरू हो जाता है। नहीं वस्त्र पहन कर नाहा धोकर ही इसका उपयोग करना चाहिए। मुनंगा का जड़ लेने जाते समय नारियल अगरबत्ती चढ़ाकर लाए।(185223)
Posted on: Feb 19, 2021. Tags: CG HEALTH JANJGIR CHAPA KRISHNA BANJARE
वनांचल स्वर: मलेरिया बुखार का घरेलू उपचार-
ग्राम-मोदे, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनोज कुमार पटेल बताते हैं कि किस प्रकार मलेरिया के घरेलू उपचार में औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है। उनके दादा, परदादा एवं पिता भी वैद्य रहे हैं। पटेल 2008 से लोगों का उपचार कर रहे हैं। जब गांवों में अस्पताल भी नहीं थे, तब से उनके पूर्वज मरीजों का उपचार कर रहे थे। इसी बात से प्रभावित होकर वह ख़ुद भी वैद्य बने। अस्पतालों के बनने से पहले गांव के लोग उपचार के लिए पूरी तरह वैद्य पर निर्भर थे। वह बताते हैं कि मलेरिया एवं आम बुखार के इलाज के लिए नीम एक उपयोगी औषधि है। पटेल यह काम आजीविका के लिए नहीं, अपितु सेवा भाव के कारण करते हैं। सम्पर्क@9479070321, 6568684544 (185676) GT
Posted on: Feb 18, 2021. Tags: CG KANKER MANOJ PATEL VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: जंगल से चरोटा भाजी,कांदा कुलियारी भाजी चाटी भाजी खाने से लाभ होता है...
ग्राम-मोदे, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनोज कुमार पटेल बताते हैं कि जंगल में खाने की क्या-क्या भाजी मिलती है। बस्तर में चिरोंटा भाजी, हुलोलिया भाजी, बरचीकुटी भाजी, मूंगा भाजी, चाटी भाजी, तीनपनिया भाजी, कांदा भाजी, कुलियारी भाजी, पीकरी भाजी, कांटा भाजी, इत्यादि मिलती हैं। जिसमें से कुछ उगाई जाती हैं एवं कुछ जंगल से प्राप्त होती हैं। पटेल को लगता है कि आने वाले 10 सालों में कुलियारी भाजी विलुप्त हो जाएगी। चरोटा भाजी पाचनतंत्र और चर्बी घटाने के लिए काफी लाभदायक भाजी है।सम्पर्क 9479070321,6268684544.(185657) GT
Posted on: Feb 18, 2021. Tags: CG KANKER MANOJ PATEL VANANCHAL SWARA
चुटकुला: दूल्हा बने हैं चूहे राजा-
ग्राम-कुदरी,जिला चित्रकूट (उत्तरप्रदेश) से गुरु प्रसाद एक चुटकुला सुना रहे हैं:
भालू बजा रहा है बाजा
चूहा बने है दूल्हे राजा
एक दो तीन चार पांच छ:सात
कितनी लम्बी है बारात...(AR)
Posted on: Feb 18, 2021. Tags: CHUTKULA
वनांचल स्वर: क्योटी के तेल से दर्द और खुजली का इलाज होता है...
ग्राम- हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बहादुर राम पटेल जंगल में पाए जाने वाले क्योटी के पेड़ के बारे में बता रहे हैं। क्योटी का तेल निकाल लिया जाता है, जिसके बाद उसे दर्द, खुजली वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है। जंगल से यह तेल पर्याप्त मात्र में मिल जाता है। इस तेल को खाया नहीं जा सकता। जंगल में टोरी का तेल भी मिलता है, जिसका खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
