बच्चों के लिए जनरल नॉलेज...
जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से पारस कुमार यादव जनरल नॉलेज बता रहे हैं:
1. इटली की जनसंख्या – 6,59,00000
2. इटली की राजधानी – रोम
3. नार्वे की जनसंख्या – 55,00000
4. भारत का प्राचीन नाम – आर्यभाट,(RM)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: CG JANRAL KNOWLEJ RAJNANDGONV
वनांचल स्वर: घटते जंगल बढ़ती परेशानियां...
ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नारायण सिंह साहू बताते हैं कि उनके गांव में आए दिन भालू आ जाते हैं। अभी तक जान-माल का कोई नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन भालू अक्सर गन्ने और सब्जी की फसल को खराब कर देते हैं। ग्रामीण कभी भी भालुओं को नुक्सान नहीं पहुँचाते। जंगल कम होने की वजह से वहां फल-सब्जी नहीं मिलता जिस वजह से भालू गांव में भोजन की तलाश में आ जातें हैं। हम लोगो ने गांव में एक वन समिति बनाई है, जो ग्रामीणों को वन के पेड़ों की कटाई करने से रोकते हैं। हमारे गांव में अब जंगल नहीं है बस कुछ झाड़ियां ही बची हैं । संपर्क – 9424182008 (RM)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: CG KANKER NARAYANSINGH SAHU VANANCHAL SWARA
पीड़ितों का रजिस्टर: कक्षा 10 वी में पढ़ाई करने वाली लड़की को नक्सल गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
ग्राम-पचांगी, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से धनसिंह कोमरा बता रहे हैं कि 2008 कि बात हैं मेरी बहन जिसकी उम्र तब 17 वर्ष थी, वह मौसा जी के घर में रह कर पढ़ाई कर रही थी, वह कक्षा 10 वी में थी| एक दिन सुबह दुकान से वापस घर आने के रास्ते में बी.एस.एफ. के सैनिक उसे अपने साथ ले गये| उन पर नक्सल गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया, उन्हें एक साल राजनंदगांव जेल में रखा गया| जेल से छूटने के बाद वह स्कूल नहीं गयी, उसे डर था सब उसका मजाक उडाएँगे| वो पढ़ना चाहती थी, एक साल की जेल और दो साल पेशी में उसने बहुत कुछ खोया, इस पुरे मामले में उनके 50 हजार रुपये खर्च हुए| घर मे पैसे नही थे, उधर लेकर मुकदमा लड़ना पड़ा|
सम्पर्क नम्बर @9425292387(185491)RM
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: CG DHANSINGH KOMRA DURGUKONDAL KANKER VICTIM REGISTER
बच्चो के लिये जनरल नॉलेज...
ग्राम-पपरौडी,जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से सागर राठौर जनरल नॉलेज बता रहे हैं:
ब्रेल का अविष्कार किसने किया था ,लुईब्रेल ने
भारत का राष्ट्रीय पुष्प है,कमल
विश्व में सिर्फ अधिक चाय पीते हैं, श्रीलंका
मध्प्रदेश का राष्ट्रीय पुष्प है,सफेद नीली (AR)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: EDUCATION
वनांचल स्वर : चार के बीजो को बेचकर हम लोग जीवन यापन करते है...
ग्राम-मोदे, थाना-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से हेमबती नायक चार के बीज के बारे में बता रही हैं कि वे लोग सुबह-सुबह 4 बजे उठकर मड़िया का पेज बनाते हैं, पेज लेकर ही जंगल जाया करते हैं| जंगल में दिनभर चार का बीज इकठ्ठा करते हैं, शाम को घर पहुँचकर बीजों को भिगा देते हैं| चार को लगभग तीन-चार दिन भिगाने के बाद पानी से साफ़ करते हैं, उसके बाद चार को सुखाते हैं| बीज जब अच्छी तरह से सुख जाता है हम उसे बेचने ले जाते हैं| चार बेचकर जो पैसा मिलता है, उसी से जरूरत का सामान खरीदते हैं| इस समय चार के पेड़ बहुत कम बचे हैं, पेड़ो को लोग काट देते हैं या फिर फल-फूल को बंदर खा जाते हैं| इसलिए चार नही मिल पाता है| जंगल मे भालू भी हैं, वो दिन में जंगल में रहते हैं रात को गांव में आ जाते हैं| गांव में बेर के फल खाने और तालाब का पानी पीने आ जाते हैं, अभी तक भालुओं ने किसी भी इंसान को कोई नुकसान नही पहुंचाया है, इस जंगल में बन्दर, भालू और चीते जैसे जानवर पाए जाते हैं|
सम्पर्क:- 7587094923
