ये लसा सिझाई ले पीपर लसा लटके रे महुला बुलाइले के...सरगुजिया डोमकच गीत
जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सीता रानी नेटी एक सरगुजिया डोमकच गीत सुना रही है:
ये लसा सिझाई ले पीपर लसा लटके रे महुला बुलाइले के-
कहाँ अटके रे सोना महुला बुलाइले के-
कहाँ अटके रे हीरा महुला बुलाइले के-
ये लसा सिझाई ले पीपर लसा लटके रे महुला बुलाइले के-
कहाँ अटके रे राजा महुला बुलाइले के-
ये पडकी परेवा ना तो आजा पिया झटके रे-
ये लसा सिझाई ले पीपर लसा लटके रे महुला बुलाइले के...
Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG DOMKACH SEETA RANI NETI SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य को केवल डॉक्टरो और सरकार पर नही छोड़ा जा सकता है, इसमें जनता की भागीदारी हो...
राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान सम्मलेन, रायपुर (छत्तीसगढ़) में शामिल भोपाल के श्याम बोहरे जी बता रहे हैं, कि स्वास्थ्य को केवल विशेषज्ञो, डॉक्टरो और सरकार पर नही छोड़ा जा सकता, इसमें जनता की अधिक से अधिक भागीदारी हो, शिक्षण हो, जनता स्वास्थ्य के मुद्दों को समझे, आज के समय में स्वास्थ्य तेजी से निजी हाथो में जा रहा है, व्यपारीकरण होता जा रहा है, जिससे अधिकांश जनता स्वास्थ्य की सुविधाओं से वंचित हो रही है, क्या कारण है कि सरकार हमें स्वास्थ्य सुविधाएं नही दे पाती, सभी तरह के कर वसूलने बावजूद? राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान का उद्देश्य लोगो को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है जिससे स्वास्थ्य एक मौलिक अधिकार बन सके और सभी को ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त मिल सके
Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG SWARA SWSTHYA VICTIMS REGISTER
देश हमारा सबसे न्यारा प्यारा हिन्दुस्तान...देशभक्ति गीत
ग्राम-बसनारा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सतवंती श्यामले के साथ में राजकुमारी सिंह एक देशभक्ति गीत सुना रही है:
देश हमारा सबसे न्यारा प्यारा हिन्दुस्तान-
सब झड की आखों की तारा अपना हिंदुस्तान-
वीर सिपाही हम इसके पैर पीछे नही हटाते-
साहस के पुतले आगे बढ़ सबको राह दिखाते-
उत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम चारो दिशा हमारी-
किन्तु यहाँ भी रखनी होगी पूरी पैहरदानि...
Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG PATRIOTIC SATVANTI SHYAMLE SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
जंगल में एक वृक्ष खड़ा था, सब वृक्षों से बड़ा था...बाल कविता
ग्राम-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक बाल कविता सुना रहे हैं :
जंगल में एक वृक्ष खड़ा था, सब वृक्षों से बड़ा था-
लंबा चौड़ा छायादार, उसके नीचे था बाजार-
बंदर बेच रहा था आलू, उसको तोल रहा था भालू-
हिरण लिया सब्जी का ठेला, बेच रहा था हरा केला-
लौकी, कोहड़ा और पपीता लेकर आया बूढा चीता-
खरहा हरी मिर्च ले आये, बंदरिया को लगे उसे चखाए...
Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG CHILDREN KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
हाय रे हाय तो बजारे जाबो गा, कारी माटी बिजुली बाजरे जाबो रे...पेड़राही गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया अपने सांथी राम सुरित से एक पेड़राही गीत सुना रहे हैं:
हाय रे हाय तो बजारे जाबो गा-
कारी माटी बिजुली बाजरे जाबो रे-
बटुआ में भात रांधे करछुल में खोया-
पेड़रा बाजार बैठे पटना में सोया-
पातर के छोकरिया तोही ला खुले गा-
हाय रे हाय के तोही ला खुले गा...

