स्वास्थ्य स्वर : हाथी पाँव रोग का औषधीय प्रयोग-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल हाथी पाँव रोग का औषधी के प्रयोग के बारे में बता रहे हैं, आक की जड़ को कांजी के साथ पीसकर लेप बना ले इससें अत्यधिक लाभ होता है|2 बलियारी कंघी मूल चूर्ण और दूध के साथ सेवन करने से लाभ हो सकता है| हंजी, पिपली, पाठा, छोटे कटेरी, चित्रक मूल, जीरा, नागर मोठा इन सबको मिलाकर चूर्ण बना ले और गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से लाभ हो सकता है| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं| संपर्क नंबर@9826040015. (184277) GT
Posted on: Mar 05, 2021. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIA
चुटकुला : गंगा किस स्टेट में बहती है...
नया रायपुर, छत्तीसगढ़ से अनमोल कुमार चंद्राकर एक चुटकुला सुना रहे हैं| “गंगा किस स्टेट में बहती है” | अपना संदेश रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Mar 04, 2021. Tags: ANMOL KUMAR CHANDRAKAR CG CHUTKULA RAIPUR
स्वास्थ्य स्वर : गलसुवा रोग का घरेलू उपचार...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल गलसुवा रोग का घरेलू उपचार बता रहे हैं, जानकारी के लिये संदेश सुने| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015. (AR)
Posted on: Mar 04, 2021. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA
स्वास्थ्य स्वर : बच्चो को बुखार होने पर घरेलू उपचार-
ग्राम-रनई, जिला-कोरिया, छत्तीसगढ़ से केदारनाथ पटेल बच्चो को बुखार होने पर घरेलू उपचार बता रहे हैं।
1. एक छोटी हरण, दो चुटकी आंवले का चूर्ण और एक कली आक का दूध ताजा, काढ़ा बनाकर, थोडी शक्कर मिलाकर सुबह-शाम पिलाने से किसी भी तरह का बुखार ठीक हो सकता है। इसका इस्तेमाल विशेषज्ञ की देख-रेख में करना चाहिये|
2. पीपल, काकड़ संगी और आक की छाल के चूर्ण को दो -दो चुटकी मिला कर दो खुराक बनायें। सुबह-शाम शहद के साथ सेवन करें।
3. गुडकी का रस 20 बूंद और आक के पत्तों का रस 5 बूंद| दोनों को मिलाकर पिलाने से किसी भी प्रकार के बुखार में आराम मिल सकता है। संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Mar 03, 2021. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA
सूर्य न बदला चाँद न बदला...गीत-
लखनऊ, उत्तर प्रदेश से सुशील कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
सूर्य न बदला चाँद न बदला-
न बदला आसमान-
कितना बदल गया इंसान-
नारी और बहु बेटियों को-
न देते सम्मान-
कितना बदल गया इंसान... (AR)
