देखो कोयल काली है पर मीठी है इसकी बोली...कविता
ग्राम-केरकेट्टा, पोस्ट-जोगा, थाना-ओदारीरोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अखिलेश कुसवाहा एक कविता सुना रहे हैं :
देखो कोयल काली है पर मीठी है इसकी बोली-
इसने ही तो कूक-कूक कर आमो में मिश्री घोली-
कोयल कोयल सच बतलाओ क्या संदेशा लाई हो-
बहोत दिनो के बाद फिर इस डाली पर आई हो-
क्या गाती हो किसे बुलाती हो, बतला दो कोयल रानी-
कैसे कैसे देख मांगती हो, क्या मेघो से पानी...
Posted on: Jun 25, 2018. Tags: AKHILESH KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : ठण्ड लेकर आने वाले बुखार का घरेलू उपचार
ग्राम-घोंघा, थाना-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य भगतराम लांजी आज हम लोगो को ठण्ड लेकर आने वाले बुखार आने पर उसका घरेलू उपचार बता रहे हैं . वे बता रहे हैं कि तुलसी के पत्ता, पुदीना के पत्ता और अदरक तीनो को आधा-आधा तोला मिलाकर काढ़ा बनाकर पीना है. अगर बच्चे है तो आधा चम्मच और जवान है व्यक्ति है तो एक चम्मच दिन में 2-3 बार पिलाना है | उससे जल्दी आराम मिल जाता है| अधिक जानकारी के लिए भगतराम लांजी@7389964276.
Posted on: Jun 25, 2018. Tags: BHAGATRAM LANJI HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर :रतौंधी रोग का घरेलू उपचार और सावधानियां-
प्रयागविहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) वैद्य एच. डी. गांधी रतौंधी रोग जिसमे रात को कम दिखाई देता है का घरेलू उपचार बता रहे हैं, जिन व्यक्तियों को रतौंधी रोग की शिकायत है वे इस समस्या से बचने के लिए बेल की पत्ती 10 ग्राम, काली मिर्च के दाने 6 नग, मिश्री 25 ग्राम इन सब को साफ़ कर शरबत जैसा जूस बनाकर सुरक्षित रख लें, और एक-एक गिलास जूस सुबह-शाम सेवन करें, इससे रतौंधी रोग से बचने में लाभ मिल सकता है, खाने में मिर्च, मसाला, तेल-खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें, नशा ना करें, सांथ ही हरी सब्जी, भाजी और फलो का सेवन कर सकते हैं | संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: HD GANDHI HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : पशुओ में खूनी दस्त का घरेलू उपचार
ग्राम-ताराडांड, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी आज हम लोगो को मवेशियों में जब खून की दस्त हो तो उसका घरेलू उपचार बता रहे है, चार नीबू ले और उसको गाय के एक लीटर दूध में निचोड़ना है उसको निचोड़कर पिलाने से अगर आपकी गाय खून की दस्त कर रही हो तो तत्काल लाभ होगा आप इस प्रयोग को करके जरुर अपने बीमार पशु को स्वस्थ्य रख सकते है अगर हमारा पशु स्वस्थ्य रहेगा तो हमारी खेती बाड़ी में भी किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आयेगा, इन सब तकलीफों के लिए किसान पैसे खर्च करते हैं पर अगर हमें इन घरेलू नुस्खों के बारे में पता हो तो धन की भी बचत होती है | बाबूलाल नेटी@7898022088.
Posted on: Jun 20, 2018. Tags: BABULAL NETI ANUPPUR HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : बबासीर का घरेलू ईलाज
मोतीनगर रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी. गांधी बबासीर का घरेलू उपचार बता रहे हैं, जो सांथी बबासीर की बीमारी से पीड़ित हैं वे सनाय की पत्ती 100ग्राम, सुरन कंद 160 ग्राम, चित्रा 80 ग्राम, काली मिर्च 10 ग्राम, सब को साफ कर पीस कर चूरन बना ले, सुरन कंद को घी में ही भूने उसके बाद चूर्ण बनाएं, उसके बाद चूर्ण को सुरक्षित रख ले उसके बाद एक-एक चम्मच चूर्ण एक गिलास मठा के सांथ दिन में दो बार खाली पेट सेवन करने से लाभ होगा, मिर्च, मसाला, तेल खटाई, गरिष्ठ भोजन प्रयोग कम करें, मैदा एवं बेसन का प्रयोग भी कम करे, पानी ज्यादा पीए, संतुलित भोजन ग्रहण करे: वैद्य एच.डी. गांधी@9111061399.
