गूँज रहा मोबाइलों में, सीजीनेट स्वर.....

बेर सिंह डाबर ग्राम-खेडाखाल, तहसील-बागली,जिला-देवास,मध्यप्रदेश से साथी लोहारिया मोरे द्वारा स्वरचित एक गीत रिकॉर्ड कर रहे हैं जो सीजीनेट के ऊपर आधारित है:
दुनिया के कोने-कोने में, गूँज रहा सीजीनेट स्वर
कैसा प्यारा सीजीनेट स्वर, गूँज रहा मोबाइलों में
दिल्ली के कोने-कोने में, गूँज रहा सीजीनेट स्वर
कैसा प्यारा...
भोपाल के कोने-कोने में, गूँज रहा सीजीनेट स्वर
कैसा प्यारा...
गावं-गावं के कोने-कोने में, गूँज रहा सीजीनेट स्वर
कैसा प्यारा सीजीनेट स्वर, गूँज रहा मोबाइलों में

Posted on: Jul 29, 2014. Tags: Lohariya More SONG VICTIMS REGISTER

Santhal woman requests: Make rules more pro-woman in Santhal tradition...

Priyasheela Besra is talking to Emami Murmu in Dumka in Santhal Pargana Jharkhand who is telling her that traditional Santhal rules need to be more pro-woman. She is victim of a rule where if a family has no son then son in law is given the land rights. Emami is forced to leave her home and village for this rule and her complaint to Gram Sabha has also not helped. She requests to make rules more pro-woman. For more Priyasheela can be reached at 09430106579

Posted on: Jul 18, 2014. Tags: Priyasheela Besra

दिल लगा लिया है मैंने गोंडवाना से...

दिल लगा लिया है मैंने गोंडवाना से
मेरे अंग अंग में है दूध गोंड का
मेरे कण कण में है खून गोंड का
अन्न खाया है मैंने गोंडवाना का
मेरी रोटी देती है गोंड का
मेरी रीति रिवाज है गोंड का
प्यार पाया है मने गोंदवानी से
ये नदिया झरना है गोंड की
ये ताल तलैया है गोंड की
सतरंगी झंडा है गोंडवानी की
महल अत्री है गोंड की
ये जंगल जारे है गोंड की
ये ये सारा जहा है गोंडवानी की

Posted on: Feb 26, 2014. Tags: Sagar Sariyam

शुरवे डार डार नवे माता...छिंदवाडा मध्यप्रदेश से गोंडी गीत

ग्राम कोकड़ाजगत तहसील छिंदवाड़ा जिला छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश से सागर सरियाम जी एक गोंडी गीत सुना रही है अपने भाभी के साथ जब लडकी कपडे धोने जाती है तब इस गीत को गाया जाता है:
शुरवे डार डार नवे माता
डार नवे भाभी नवे माता
डोडा थे अता भाभी कपड़ा सुखिले
इक्के अतके उड़नके कपड़ा मरुँगीथा
बाजार ए अत्ता भाभी बाजार कियाले
इकिया के उड़ना के चोला मरोंगता
कतियाले अत्ता भाभी कतिया कियाले
इकिया के उड़ना के कतिया मरोंगता

Posted on: Feb 22, 2014. Tags: Gondi Sagar Sariyam

बिगड़ गयो कोया दारु ला पी के बिगड़ गयो...

ग्राम कुकड़ाजगत जिला छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश से सागर सरियाम जी यह एक गीत सुना रही है यह गीत शादियों के समय में गाया जाता है
बिगड़ गयो कोया, दारू ला पीके बिगड़ गयो
बिगड़ गयो रे, बिगड़ गयो रे, बिगड़ गयो रे
बाप भी पीवे तो बैटा भी पीवे
घर के सारे और दारू थे पीवे
रात दिन से दारू पीके हो गयो बेहाल
घर में जी को दाना नहीं है खाने को
बिगड़ गयो कोया दारू ला पी के बिगड़ गयो रे ।
लड़का बच्चा नंगे उतरे घूमे
कोई दुकान वाले आये तो चिट्टियों जैसे घूमे
बिगड़ गयो कोया दारू

Posted on: Feb 20, 2014. Tags: Sagar Sariyam

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