अमर हो जा अमृत का प्याला मिला है...भजन-
ग्राम-सारंगपुर, पोस्ट-तातापानी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से नंदलाल सिंह एक भजन सुना रहे हैं:
अमर हो जा अमृत का प्याला मिला है-
ठाकुर जी का नाम हमे-
पुरुषोत्तम धाम हमे निराला मिला है-
यही नाम परम नाम जप भई-
सुबह शाम जीवन के राह में सहारा मिला है-
नाम के नईया पे जीवन संभालो-
अमर हो जा अमृत का प्याला मिला है...
Posted on: Oct 06, 2021. Tags: BALRAMPUR BHAJAN SONG CG NANDLAL SINGH
वनांचल स्वर : कहुवा के छाल की उपयोगिता...
हेटारकसा, जिला-बस्तर, (छत्तीसगढ़) से निवासी बीरसिंह पटेल बता रहे हैं, कहुवा के छाल की उपयोगिता बता रहे हैं, इसे अर्जुन छाल के नाम से भी जाना जाता है| बीरसिंह कई तरह के औषधि बनाते है और ईलाज करते हैं|
Posted on: Oct 06, 2021. Tags: BASTAR BIRSINGH PATEL CG VANANCHAL SWARA
2019 मे कुंआ स्वकृत हुआ था जो आज तक पूरा नहीं बना...
ग्राम-कठौतिया, पंचायत-बेलसरा, विकासखण्ड-करकेली, जिला-उमरिया, मध्यप्रदेश से हेमसिंह मरावी बता रहे हैं कि 2019 मे उनके नाम से कुंआ स्वीकृत हुआ था| जिसका अधूरा निर्माण हुआ है| उन्होने काई बार सरपंच के पास इस संबंध मे आवेदन दिया है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है, इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरो पर संपर्क कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें: सरपंच@9399463643. संपर्क नंबर@7489967864. (184423) (AR)
Posted on: Oct 05, 2021. Tags: HEMSINGH MARAVI MP PROBLEM UMARIA
घर के ऊपर बिजली का तार है, बच्चों से दुर्घटना का डर बना रहता है, कृपया मदद करें...
ग्राम पंचयत-छिंदावार, पोस्ट- तारागाँव, ब्लाक- लोहांडीगुड़ा, जिला- बस्तर (छतीसगढ़) से वीरनाथ भारद्वाज बता रहे हैं कि बिजली कनेक्शन में सुधार के लिए कई बार आवेदन दिया पर अभी तक हल नहीं किया गया। उनके घर के ऊपर से बिजली का तार गया है जिससे बच्चों के साथ दुर्घटना का डर बना रहता है। तीन-चार परिवारों के साथ हादसा हो सकता है। सीजीनेट साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरों में बात कर समाधान कराने में मदद करें। अधिक संपर्क के लिए नंबर@ बिजली विभाग@9424170833, CEO@8889251366, कलेक्टर@8458956694 संपर्क@6263829536.
Posted on: Oct 05, 2021. Tags: BASTAR CG CHHINDBAHAR ELECTRICTY LOHANDIGUDA PROBLEM VEERNATH BHARADWAJ
धान और श्रम का मुद्रा के रूप में इस्तेमाल और प्रतिदान आज भी सुदूर इलाकों में जीवित...
कासपारा, ग्राम पंचायत- मिचनार न. 1, ब्लॉक- लोहांडीगुड़ा, जिला- बस्तर, छत्तीसगढ़ से मोटूराम सोड़ी बता रहे हैं कि कैसे सुदूर इलाकों में लोग आज भी धान और श्रम को मुद्रा के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण इलाकों में वजन का मापदंड होता है एक औसत आकार का डब्बा, जिसे कि पहली कहा जाता है। धान कटाई के बाद लोग आधी उपज सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पे बेचने के बाद बचे हुए आधे उपज को अपने घरों में बैंक की तरह रखते हैं। साल में जब जितनी आवश्यकता हो, वे उतना धान दुकान में बेच कर अपनी जरूरत पूरी करते हैं। खेती के समय दूसरों को श्रम के एवज में भुगतान पैसे, धान व प्रतिदान श्रम के रूप में किया जाता है। संपर्क नंबर@7587498298
