हैण्डपंप से ख़राब पानी निकलता है, नाला से पानी लाना पड़ता है...
ग्राम-चेचलगुड, पंचायत-कवाली, ब्लाक-जगदलपुर, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से राजू राणा के साथ गाँव के साथी आमासु बघेल बता रहे है कि पहले जब उन्होंने आवेदन किये थे तो उनसे बोला गया था कि नलजल आ गया है लेकिन वो नहीं आया है| गाँव में हैण्डपम्प है लेकिन उससे ख़राब पानी निकलता है और गाँव के लोग वही ख़राब पानी पी रहे है उनका कहना अगर नलजल आ जायेगा तो लोगो को ख़राब पानी पीना नहीं पड़ेगा | इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि सम्बंधित अधिकारियो से बात करके नलजल लगवाने में मदद करें ताकि सबको शुद्ध पानी मिल सके : CEO@9406146436, कलेक्टर@8458956694. संपर्क नम्बर@8817109616. (AR)
Posted on: Jul 21, 2020. Tags: SONG VICTIMS REGISTER
उटा उटा हो मोचो बस्तर माटी चो लोय...हल्बी गीत-
ग्राम पंचायत-छोटे कवाली, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से अमर सुराम बघेल हल्बी में एक गीत सुना रहे हैं:
उटा उटा हो मोचो बस्तर माटी चो लोय-
सियान सजन दादा दीदी सबो हिया न-
उटा उटा हो मोचो चेचल बुर चो गाँव चो लो-
हिय बस्तर चो माटी चो लो-
दादा दीदी सियान सजन पूरे हिय न-
उटा उटा हो मोचो बस्तर माटी चो लोय... (AR)
Posted on: Jul 21, 2020. Tags: SONG VICTIMS REGISTER
शादी के अवसर पर गाया जाने वाला गीत (गोंडी में)
ग्राम पंचायत-पीतलगुर, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से आदिवासी महिलायें गोंडी बोली में एक गीत सुना रही हैं, ये उनका पारंपरिक गीत हैं इस गीत को धुर्वा सामुदाय के लोग शादी के अवसर पर गाते हैं, ऐसे गीतों को सुनने के लिये 0805006800 पर मिस्ड कॉल कर सुन सकते हैं| (AR)
Posted on: Jul 21, 2020. Tags: SONG VICTIMS REGISTER
गाँव में सुविधाओं के लिये कई बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन कारवाही नहीं हो रही है...
ग्राम-पितलगुर, पंचायत-छोटे कवाली, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से महादेव नाग बता रहे हैं कि प्राथमिक स्कूल में बाउंड्रीवाल नहीं बना है जिसे बनवाने के लिये कई बार आवेदन किये हैं लेकिन नहीं बन रहा है| गाँव में सामुदायिक भवन बनवाने के लिये कई बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है गाँव में बैठक पेड़ के नीचे करना पड़ता है| गाँव में नल जल योजना शुरू हो चुका है जानकारी मिली है लेकिन उसका लाभ गाँव में किसी को नहीं मिला है| संपर्क नंबर@9770972381. (171769) (AR)
Posted on: Jul 21, 2020. Tags: SONG VICTIMS REGISTER
तब भी सावन आता था, अब भी सावन आता है...कविता-
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व सावन पर एक कविता सुना रहे हैं:
तब भी सावन आता था-
अब भी सावन आता है-
पहले जैसा सावन नहीं है-
सावन पहले होता था मनभावन-
अब सावन मनभावन नहीं है-
कहीं तो इतना बरसा कि नदियों में बाढ़ आ गयी-
कही तो मानव बूंद बूंद को इतना तरसा कि समस्या तराह आ गयी... (AR)

