भोले बाबा भोले बाबा, बाबा तेरा ही सहारा है...भजन-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक संगीतमय शिव भजन सुना रहे हैं :
भोले बाबा भोले बाबा, बाबा तेरा ही सहारा है-
बाबा जी के जटाओं में गंगा की धारा है-
बाबा जी के गलें में सर्पो की माला है-
बाबा जी के कमरों में मिरगा की छाला है-
बाबा जी के हांथो में डमरू और त्रिशूल है-
भोले बाबा भोले बाबा, बाबा तेरा ही सहारा है...
Posted on: Apr 02, 2019. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
नेताओं की झोली देखो, वैश्याओं की चोली देखो...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
नेताओं की झोली देखो, वैश्याओं की चोली देखो-
अपसरो की बोली देखो, किसानो की पोटली देखो-
बिखारी की झोली देखो, उद्योग पतियों का आंख मिचोली देखो-
जनताओं के बनेगे काल, ये खाये जा रहे हैं सरकारी माल-
ये देश के हैं जंजाल उनसे पूछो टेढ़ा मेढ़ा सवाल...
Posted on: Apr 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चुनावी दौर पर देखो नेताओं के जमाव...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चुनावी दौर पर देखो नेताओं के जमाव-
राहों में चौराहों पर पड़ाव-
कसमे वादे अच्छा-अच्छा सुझाव-
बरसाती मेढ़को के टर्राहट-
लगता है जैसा लगा हो हाट-
पम्पलेट पोस्टरो का देखो ठाठ...
Posted on: Apr 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
अतिथी कला होई, सीता तो सीता सोई...ओड़िया भजन-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक ओड़िया गीत सुना रहे हैं :
अतिथी कला होई, सीता तो सीता सोई-
हे गणस्वामी मोरो, मृग मारी गा माई-
पोई का पोट्टा जाती, निये लम करा पोती-
कहिये करे मोरो, दहा नान पी-
नमो मोहरी सीता, श्री राम को ओ नीता...
Posted on: Mar 28, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हम तो छोड़ जा रहे हैं दुनिया तुम्हारे हवाले करके सारे...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
हम तो छोड़ जा रहे हैं दुनिया तुम्हारे हवाले करके सारे-
हमें न भूलना संभालकर रखना, ऐ आने वाले इस धरती की शान-
यहां तो हर कोई मेहमान और आना जाना लगा है जमाना-
क्या लेके आया क्या लेके जाना, बस दो दिन का मेंहमान-
भाई चारे का सांथ निभाना, गिरे हुए को भी उठाना...
