लॉकडाउन में काम नहीं कर पाते हैं, कभी काम करते हैं तो पुलिस हमारी मछली जप्त कर लेती हैं-
डोंगर मंडला, ब्लाक-घुघरी, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से द्रोपती बाई अहिरवार बता रही हैं, वे मछली बेचने का काम करते हैं लॉकडाउन में काम नहीं कर पा रहे हैं, कभी काम करते हैं तो पुलिस वाले परेशान करते हैं, मछली जप्त कर लेते हैं, डराते हैं, जिससे उनका जीवन यापन करना मुस्किल हो रहा है, इसलिये वे शाशन से मदद की अपील कर रहे हैं कि काम नहीं कर पाने की स्थिती में उन्हें खाना खर्चा दिलाये| संपर्क नंबर@7067961284. (172078) (AR)
Posted on: Jul 26, 2020. Tags: CORONA PROBLEM MANDALA MP SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
जागो वतन के लाल भारती जगा रही...गीत-
ग्राम-धनपुरी, थाना-अमलाई, जिला-शहडोल (मध्यप्रदेश) से पप्पू कुमार दहिया एक गीत सुना रहे हैं:
शहादत देख कर वीरो की-
आंखे नम जरा कर लो-
वतन के वासियों तुम-
उनके लिये सत सत नमन कर लो-
लहू से सींचकर महका रहे जो हिन्द का गुलशन-
उन्हें सच्चे ह्रदय से साथियों याद तो कर लो... (AR)
Posted on: Jul 26, 2020. Tags: MP PAPPU KUMAR DAHIYA SHAHDOL SONG VICTIMS REGISTER
माठी से काया बनी हडिया नाम पानी गा...गीत-
डोंगर मंडला, ग्राम-कटंगी, जिला-मंडला मध्यप्रदेश से संतोष अहिरवार के साथ एक दादा एम् एस कुशराम एक गीत सुना रहे है :
माठी से काया बनी हडिया नाम पानी गा-
रांध-रांध भात देत भूख नहीं गानी गा-
भात पेज हडिया में तलिया में दार-
कढीइया में सुवारी बने तवा रोटी चार-
तबेला में भात में बने तोलिया में दार-
और गंजी भीतर आलू सब्जी और डब्बा में आचार-
कटोरी में दूध भात परस रहे नानी गा-
माठी से काया बनी हडिया नाम पानी गा...
Posted on: Jul 26, 2020. Tags: HINDI SONG MANDLA MP MS KUSHRAM SONG VICTIMS REGISTER
समधिन हो तोर बारी मा बीही के पेड़ है...गीत-
जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से दीनानाथ पटेल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
समधिन हो तोर बारी मा बीही के पेड़ है-
तोर अंगना मा लाहूँ बराती गोरी नाच लेबे ओ-
झूल झूल के तोरे रेंगाई मा-
मारथे टूरी पढाई मा-
तनिहा पलट के देखे ओ-
तोर गजब सुघराई ला-
समधिन हो तोर बारी मा बीही के पेड़ है... (AR)
Posted on: Jul 26, 2020. Tags: CG DINANATH PATEL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
नाग पंचमी पर दार्शनिक स्थान केवार सरई के बारे में जानकारी...
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक ऐतिहासिक जगह के बारे में जानकारी दे रहे हैं, ये जगह सिद्ध बाबा केवार सरई के नाम से जाना जाता है, ये स्लोथान सोन नदी और गोडाहरी नहीं के संगम के पास है वहां पर लोग मन्नत मांगने जाते हैं, लोगो की मान्यता है कि उस स्थान पर कई साल पहले एक लकडहारा पेड़ काट रहा था आधा काटने के बाद वह घर चला गया और दूसरे दिन वहां पर आया तो देखा कि वह पेड़ वापस से जुड़ चुका है| वहां पर कई देवी देताओ की प्रतिमा है लोग दर्शन करने आते हैं, भजन कीर्तन करते हैं| नाग पंचमी के दिन लोग उन मूर्तियों में दूध चढ़ाते हैं|
