हम मेहनतकश जग वालों से जब अपना हिस्सा मांगेंगे...

जिला दतिया (म.प्र.) से रामजी राय मजदूरों को समर्पित एक गीत सुना रहे हैं:
हम मेहनतकश जग वालों से जब अपना हिस्सा मांगेगे-
एक खेत नहीं, एक देश नहीं, हम सारी दुनिया मांगेंगे-
हम मेहनतकश जग वालों से...
यहाँ पर्वत-पर्वत हीरे हैं, यहाँ सागर-सागर मोती हैं-
ये सारा माल हमारा हैं, हम सारा खजाना मांगेंगे-
हम मेहनतकश जग वालों से...
वो सेठ-व्यापारी-रजवाड़े, 10 लाख तो हैं हम सवा सौ करोड़-
ये कब तक अमरिका से, यूँ जीने का सहारा मांगेंगे-
हम मेहनतकश जग वालों से...
जो खून बहा, जो बाग उजड़े, जो गीत दिलों में क़त्ल हुए-
हर कतरे का हर गुन्चे का, हर गीत का बदला मांगेंगे-
हम मेहनतकश जग वालों से...
जब सब सीधा हो जायेगा, जब सब झगड़े मिट जायेंगे-
हम मेहनत से उपजायेगे, और सब बांट बराबर खायेंगे-
हम मेहनतकश जग वालों से...

Posted on: May 04, 2015. Tags: Ramji Rai SONG VICTIMS REGISTER

जीत लिया है मृत्यु को मैंने...बेटी बचाओ आन्दोलन के सन्दर्भ में एक कविता

ग्राम-चिरगांव, जिला-झाँसी, उत्तरप्रदेश से डॉ जितेन्द्र कुमार गुप्त बेटी बचाओ आन्दोलन के सन्दर्भ में एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
जीत लिया है मृत्यु को मैंने-
काल-चक्र को बता धता-
मै यौवन से बचपन में आ गया-
पायी ऐसी अमरता-
दो नन्ही परियों ने घर मेरे आकर-
ऐसी बिखेरी सुन्दरता-
जिसको देखकर चकित रह गया-
इस जग का कर्ता-धर्ता-
अब फिर से मै बड़ा होऊंगा-
खेल-खेल चौबारे में-
फिर तितली के संग उडूँगा-
मस्त बसंत बयारों में-
फिर मांगूंगा चन्द्र की कंदुक-
लात मार गुब्बारों में-
फिर कोयल की नकल करूँगा-
बागों और बहारों में-
ऐसी अमरता कहा धरी-
फिरते तो सब हैं पाने को-
बेटी से माँ, माँ से मानव-
है और क्या कहने-कहाने को-
तुम भी मेरे संग चलो-
बचपन का साथ निभाने को-
नन्हा हो मेरा मन मचला-
परी लोक में जाने को-
मैंने तुम संग प्रीत लगाकर-
जाना इस अफसाने को-
कि क्यों ईश्वर लालायित रहता-
माँ की गोद में आने को-
मानव जीवन पाने को-

Posted on: Feb 04, 2015. Tags: JITENDRA KUMAR GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

ऐ रे मांझी, लेइ चल नदिया के पार...

ग्राम-जामडी, पंचायत-रामपुर, जिला-गुमला, झारखण्ड से जिरामुनि देवी एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं. गीत में, भरी हुई नदी में नाव चला रहे नाविक से सतर्कता बरतने की अपील है:
ऐ...रे मांझी-
ऐ रे मांझी-
लेइ चल नदिया के पार-
पतुरो हिलेला, पतुरो डोलेला – नदिया हा तेज बहे धार...रे मांझी-
डोंगा तोर हिलेला, डोंगा तोर डोलेला-
नदिया हा तेज बहे धार...
नदिया के पानी ही मारे ला हिलोर-
धीरे चला वे मांझी, टूट न जाए पतवार – पतुरो हिलेला, पतुरो डोलेला-
नदिया हा तेज बहे धार...रे मांझी-

Posted on: Jan 24, 2015. Tags: Jiramuni Devi SONG VICTIMS REGISTER

जिन्होंने अपने देश की खातिर, जान गवां दइ रे...

ग्राम-राजापुर, तहसील-निवाड़ी, जिला-टीकमगढ़ से चिरौंजीलाल कुशवाहा एक देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
जिन्होंने अपने देश की खातिर, जान गवां दइ रे-
वो झाँसी की रानी, वो अमर कहानी सुनो भइया-
जिन्होंने अपने देश के खातिर, जान गवां दइ रे-
उन वीरों के पीड़ा में शान से जान गवां गइ रे-
वो झाँसी की रानी वो अमर कहानी, सुनो भइया-
बीच समर में गाड़ के झंडा, दीजे सलामी रे-
उन वीरों को...
वो झाँसी की रानी वो अमर कहानी, सुनो भइया-
अरे काट-काट के सर दुश्मन के, खून की नदिया बहा दइ रे-
उन वीरों को...
सीमा पे अड़ी थी वो डट के लड़ी थी, सुनो भइया-
अरे काट-काट के सर दुश्मन के, खून की नदिया बहा गई रे-
उन वीरों को...

Posted on: Dec 23, 2014. Tags: Chiraunjilal Kushwaha SONG VICTIMS REGISTER

We applied for forest rights, instead of land deeds officers broke our houses...

Jiyalal Adivasi is calling from Chunbhatti village under Khaja Panchayat in Jaba tehsil of Rewa district in Madhya Pradesh and says 40 Adivasi families live here from 25 years. We collectively applied for Forest Rights in August 14 and in Sept Forest Dept officers broke our houses and took away logs. We appealed on 181 (MP Grievance Redressal system) but got no help rather got new threats from forest officials.Please call collector@9425903973 to help us.Jiyalal Adivasi@9630405609

Posted on: Oct 08, 2014. Tags: FOREST JIYALAL ADIVASI LAND SONG VICTIMS REGISTER

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