हई रे दई रे नार नदी बहे ललकारी...सादरी भाषा में देशवारी गीत
ग्राम-बनौर, पंचायत-चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से शांती सादरी भाषा में एक देशवारी करमा गीत प्रस्तुत कर रही हैं जिसे भादौं के महीने में गाया जाता है:
हई रे दई रे नार नदी बहे ललकारी-
करी नदी बहे ललकारी-
बीच के नदी बहे घरी घरी रे-
करी नदी बहे ललकारी...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: SONG Sarla Shriwas VICTIMS REGISTER
ओथी रे पिपरा तारे सोनरा छनले दोकनियां छानी रे देले ना...सादरी भाषा में झूमर गीत
ग्राम-सूर्रा, जिला- बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सुमित्रा जी सादरी भाषा में एक झूमर गीत प्रस्तुत कर रही हैं, जिसे शादी के अवसर पर गाया जाता है:
ओथी रे पिपरा तरे सोनरा छनले दोकनियां छानी रे देले ना-
ऊजे सोनरा दोकनियां छानी रे देले ना-
घर में से बोललेन पतरी तिरियवा मोलावे लगलें ना-
ऊजे नाक के नथियवा मोलावे लागले ना-
जल्दी-जल्दी सोनरा भइया करा ना मोलइया रोवत होइहें ना-
हमार गोंदी के बालकवा रोवत होइहें ना...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
किसान स्वर: अंधाधुंध रासायनिक खाद और दवा के प्रयोग से हमारा भोजन जहरीला हो रहा...
इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़) से धमेन्द्र कुमार धुर्वे बता रहे है कि हम कीटनाशी एवं खरपतवार को ख़त्म करने के लिए और उत्पादन बढ़ाने की दौड़ में रासायनिक खाद एवं दवाइयों का प्रयोग अधिक करने लगे है| जिससे हमारा भोजन पानी जहरीला हो रहा है, ऐसा नही है कि उत्पादन नही बढ़ाना है, साथ ही लाभ भी कमाना है परन्तु यह भी सोचना है कि केमिकल, खाद दवाई का उपयोग कम करे, जिससे लागत भी कम होगी, और अन्न धान भी खाने लायक रहेगा. क्योंकि आखिर में जिसका हम उत्पादन करते है वह किसी न किसी माध्यम से हम तक पहुँच ही जाता है, और उसी का उपयोग भी करते है जो चिंता का विषय है...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: DHRMENDRA KUMAR DHURVE SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: नारियल की जटा, छिल्के से बवासीर का घरेलू उपचार...
ग्राम-रेहंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चन्द्र कान्त शर्मा आज बवासीर का एक घरेलू उपचार बता रहे है: सामग्री-सूखा नारियल की जटा, छिल्का जलाकर उसकी राख़ को छानकर बराबर मात्रा में उसमें शक्कर (चीनी) मिला लेंवे. एक तौला पानी के साथ प्रतिदिन सुबह खा लेंवे|बावासीर वाली जगह में दिन में 3-4 बार वही राख़ लगावे, इस प्रकार सतत 21 दिनों तक इसका प्रयोग करे खाये भी और लगाए| लाभ होगा. ऐसे ही हमारे आसपास पाए जाने वाले विभिन्न वनस्पतियों में अनेक औषधीय गुण है जिनके बारे में जानकारी होने से हमें काफी पैसे की बचत भी हो सकती है. वैद्य चन्द्र कान्त शर्मा@9893327457.
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: CHANDRKANT SHRAMA SONG VICTIMS REGISTER
आज शासन आदिवासी इलाके में संविधान का पालन नहीं कर रही है...(गोंडी भाषा में)
छत्तीसगढ़ में कांकेर जिले से विश्राम गावड़े सविंधान और गोंडी संस्कृति के बारे में बता रहे हैं, इसे बचाये रखना जरुरी है|आज तो शासन प्रशासन संविधान का पालन नहीं कर रही है, भारतीय संविधान 244 अनुच्छेद के अंतर्गत प्रावधान है गाँव के बिना अनुमति के कोई सरकार किसी के जमीन में कब्जा नहीं कर सकती न ही उनके खनिज को ही ले सकती है|लेकिन शासन प्रशासन हमारे बस्तर संभाग में जबरदस्ती कर रही है|हमारे गाँव लम्कंहार में भी आई आई टी के तहत अदला बदली कब्जा कर रही है, इसी तरह मेटटा बोदेली गाँव के जंगल को उजाड़ दिया और वहां के लोगों को रोजगार नहीं न ही पानी की व्यवस्था है और न ही शिक्षा की व्यवस्था है|हमारे लोग इसके साथ रावघाट आदि को बचाने लिए दो दिन की रैली भी निकाले थे, लेकिन शासन प्रशासन अभी फोर्स को तैनात कर दिया है जो हम जैसे बोलने वालों को जेल ले जाती है,तो हमें इन सबका विरोध करना पड़ेगा |
