नना साटूम दाका रोय येलो बेलोसा...गोंडी गोटुल गीत
ग्राम-पानागाँव, तहसील-पखांजूर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रानो वड्डे के साथ में कुछ महिला साथी एक गोंडी गीत सुना रहे है| इस गीत को गोटुल में जाते समय गाते है:
नना साटूम दाका रोय येलो बेलोसा-
नना साटूम दाका रोय बेलोसा-
नना वेने वायकान रोय वायकान दादा सिलेदार-
वायकान दादा सिलेदार-
नावा संगे वायमा येलो बेलोसा-
वायमा येलो बेलोसा-
हेलाड़ा इरवूर इन्दानूर येलो बेलोसा...
Posted on: Sep 08, 2018. Tags: CG GONDI GOTUL KANKER PAKHANJUR RANO WADDE SONG
अले ओरा बोरा मरमा आया धारे-धार...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-पेनकोद्दो, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से निलाबती वड्डे के साथ में बुदीबाई, सिंगायबाई, सन्नीबाई और शांति एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे ला-
अले ओरा बोरा मरमा-
आया धारे-धार-
धारे-धार बेरेल कायाग-
बेरेल पंडीग सरापले-
अले सारेंग कोटुल-
बिजली समधी सुमुक ले-
हेयोर बोयोर वायेन बायो-
बायोर-बायोर मिटिक ले...
Posted on: Sep 08, 2018. Tags: GONDI KANKER CG NEELABATI WADDE PAKHANJUR SONG
निमा बोगा मतोंने बाबू रोय...गोंडी गीत
ग्राम-पेनकोद्दो, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलाबती वड्डे के साथ बुदीबाई, सिंगयबाई, फगनीबाई और रमनी एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
री री लोयो री री लो री री लो-
निमा बोगा मतोंने बाबू रोय-
निमा बोगा मोकान बाबू वेया ले-
री री लोयो री री लो-
पोरों दीपने मतों वैया बाबू ले-
री री लोयो री री लोयो री री लोयो...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG GONDI KANKER NEELABATI WADDE PAKHANJUR SONG
हे येलो झेलो कनकी नूका झाजी रो हे येलो झेलो...गोटुल गोंडी नृत्य गीत
ग्राम-मेकावाही, पंचायत-शंकरनगर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ आदिवासी युवक युवतियां गोटुल में नृत्य करती हुए एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रेलों येलो झेलो कनकी नूका-
झाजी रो हे येलो झेलो-
जावा लहकी किम रोय हे येलो झेलो-
निमा बेके दाकिरा ये दादा झेला-
हिप्या पिटे जोड़ी रो ये येलो झेलो-
जोड़ी पड़की दाका रो हे येलो झेलो-
नना वेने वायका ये दादा झेला...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG GONDI GOTUL KANKER MOHAN YADAV SONG
कसूर घूटे पराड येलो दुवार तूने नेराड़ा हो...गोंडी गीत
ग्राम-पिंडकसा, पंचायत-कुरेनार, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोंगरी, सोगीबाई, रतोबाई और पोलोबाई गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लोयो रेलाय हो-
कसूर घूटे पराड येलो-
दुवार तूने नेराड़ा हो-
जाति बाती पेकोर हो-
जाति बाती पेकोर-
कसूर घूटे पराड येलो-
दुवार तूने नेराड़ा हो...
