अरे सरारारा दधिये रे भाई के राजा, जनकपुर के गांव...होली गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी अपने साथियो के साथ एक होली गीत सुना रहे हैं :
अरे सरारारा दधिये रे भाई के राजा-
जनक के गांव-
भईया के धनुष दिहे ओडकाए-
जाउने य धनुष खण्डन करे-
सीता स्वीकार कराय...
Posted on: Mar 20, 2019. Tags: CG HOLI KANHAIYALAL PADIYARI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
जब से नैहरवा से अईली ससुराल हो, शिव चर्चा में भेजे लागा...गीत-
ग्राम-पहाड़ करवां, पोस्ट-भेड़िया, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से शिवधारी यादव एक गीत सुना रहे हैं:
जब से नैहरवा से अईली ससुराल हो-
शिव चर्चा में भेजे लागो-
सईंया हमार हो, शिव चर्चा में भेजे लगो-
अपने तो पूजा करे भोले भंडारी के-
हमाऊ से पूजा करय त्रिपुरारी के...
Posted on: Mar 20, 2019. Tags: CG SHIVDHARI YADAV SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
तोला पता भोले हो, गोपी नहा गिरा गढ़ी रे...कर्मा गीत-
ग्राम-नवापारा, पंचायत-बडवार, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से बुधराम और श्याम बिहारी एक कर्मा गीत सुना रहे हैं:
तोला पता भोले हो, गोपी नहा गिरा गढ़ी रे-
कोन सा बनवा ले कटरी रे, गोपी नहा गिरा गढ़ी रे-
फुरे न वये लबारी दगा दये हो, गोपी नहा गिरा गढ़ी रे-
कोन तो बनवा ले अटरी रे, गोपी नहा गिरा गढ़ी रे...
Posted on: Mar 20, 2019. Tags: CG KARMA SONG SUKHSAGAR PAVALE SURAJPUR VICTIMS REGISTER
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी...छत्तीसगढ़ी फागुन गीत-
जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार एक छत्तीसगढ़ी फागुन गीत सुना रहे हैं:
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी-
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी-
छोटे बड़े लईका मन देवय किलकारी रे-
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी-
हां संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी-
ले चल रे सैंया बनारस के खोर में-
कुछ भेद नइये रे तोर अउ मोर में...
Posted on: Mar 20, 2019. Tags: ANUPPUR MP RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
मेहनत और ईमानदारी से काम करने का परिणाम अच्छा होता है...कहानी-
बहुत समय की बात है, एक किसान का लड़का जंगल की ओर जा रहा था| रास्ते में उसे एक केकड़ा मिला जो उसे अपने साथ चलने के लिये कहता है| फिर दोनों साथ चलने लगते हैं| आगे घनघोर जंगल मिलता है| जंगल में सांप और कौआ रहते थे | जिनसे पूरा राज्य परेशान था| राजा ने घोषणा कर रखा थी, जो सांप और कौआ से छुटकारा दिलायेगा| उससे अपनी बेटी की शादी कर देंगे| किसान का लड़का आराम करने के लिये बैठा ही था कि सांप और कौआ हमला करने लगे| तभी केकड़ा उसे बचा लेता है| ये सब गाय चराने वाला देखता रहता है| उसके बाद लड़का आगे बढ़ता है, तो देखता है, राज्य में उत्सव हो रहा है, पूछने से पता चलता है, चरवाहा ने सांप और कौआ को मार दिया है इसलिये उससे राजकुमारी की शादी हो रही है| फिर लडके ने राजा को सारी बात बताई, फिर उसकी शादी राजकुमारी से हो गई| लेकिन उसे बिना काम किये रहना, खाना पसंद नहीं आया तो उसने खेत में काम करना शुरू किया | लोगो के पूछने पर उसने बताया सभी काम करेंगे तो राजा और राज्य की उन्नति होगी|
