भारत देश हमारा प्राणों से प्यारा...गीत-
सीजीनेट श्रोता सम्पत यादव ग्राम-गौतमा, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से एक गीत सुना रहे हैं :
भारत देश हमारा प्राणों से प्यारा-
इसी राम और कृष्ण हुये थे-
इसी में गाँधी दुलारा प्राणों से प्यारा-
भारत देश हमारा प्राणों से प्यारा... (AR)
Posted on: Aug 01, 2020. Tags: CG JANJGIR CHANPA SAMPAT YADAV SONG VICTIMS REGISTER
मीठ बोली बान बोल लेते भईया...गीत-
ग्राम, पोस्ट-डिज़ावाल, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से विजय प्रताप पोया एक गीत सुना रहे हैं:
आना है अकेला जग में जाना है अकेला-
ये दुनिया के मोह माया के कतको है झमेला रे-
मीठ बोली बान बोल लेते भईया-
क्या लेके तै आये हो भईया क्या लेके तै जाबे-
क्या लेके तै आये हो दीदी क्या लेके तै जाबे-
मुठ्ठी बांधे आये हो भईया हाँथ पसारे जाबे... (AR)
Posted on: Aug 01, 2020. Tags: SONG VICTIMS REGISTER
नल बंद होने से पानी की समस्या हो रही है, समस्या को हल कराने में मदद करें...
ग्राम-पीरमेटा, पंचायत-तुरंगुर, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से निवासी
मनदेव बता रहे हैं, पारा में नल जल योजना के तहत पानी की व्यवस्था है लेकिन कुछ दिन से पानी बंद है जिसके कारण लोगो को दिक्कत हो रही है, 30 घर के लोग इस समस्या से परेशान हैं जिसके बारे शिकायत किया गया है लेकिन अभी समस्या बनी हुई है, धर्मेन्द्र पाण्डे बता रहे हैं, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल रही है कि किस कारण से ये सुविधा बंद की गयी है, निवासी सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर पानी की समस्या का निराकरण कराने में मदद करें : सचिव@9406069269, सरपंच@9406037246, PHE@9406038557, CEO@9406016762. संपर्क नंबर@8817940394. (172493) (AR)
Posted on: Aug 01, 2020. Tags: SONG VICTIMS REGISTER WATER
ए सिरेली बोरोंडी बाबा यायो गोंडी बुड़ा न यायो...गोंडी गीत-
ग्राम पंचायत-कटेनार, ब्लाक-दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से दसमती एक गीत सुना रही हैं, वे अपने साथियों के साथ जब कही घूमने जाते हैं तब इस गीत को गाते हैं, ऐसे संदेसो को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं | (AR)
Posted on: Aug 01, 2020. Tags: GONDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
दो दिन जग मेला सब चला चली का खेला...गीत-
ग्राम-रेंगापाली, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से विष्णू चरण सेनापति एक भजन सुना रहे हैं:
चलती चक्की देख के बिया कबीरा रोय-
दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोय-
दो दिन जग मेला सब, चला चली का खेला-
कोई चला गया कोई जावे, कोई गठरी बांध सिरावे-
कोई खड़ा तैयार अकेला रे, ये चला चली का खेला-
दो दिन जग मेला सब चला चली का खेला... (AR)
