देशी ह नंदा गे परदेशी ह मेछराईस...छत्तीसगढ़ी व्यंग्य रचना

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ छतीसगढ़ से कन्हैयालाल पड़िहारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक व्यंग्य रचना सुना रहे हैं :
देशी ह नंदा गे परदेशी ह मेछराईस-
बाबू के दाई हर एक दिन कहिस मोला-
ए जी सुनो तो ए कैसन जमाना आईस-
चोरी चकड़ी बेईमानी हर अति होगिस-
अउ महंगाई के मार हर भरमाईस-
दरुहा गंजहा कुकुर कसर एती ओती-
एस्नेच लोगन रहबो त कईसन होही गुंजाईस-
ओखर खातिर त नरेन्द्र मोदी के मन हर भरमाईस-
जुना नोट ल बंद करके नवा नोट ल चलाईस-
अभी तक छोटन बड़न जम्मो ल परेशान हावय ओखर खातिर...

Posted on: Dec 21, 2016. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

महुआ खवया जा तह आजा बे...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी महुआ पर एक स्वरचित छत्तीसगढ़ी रचना सुना रहे हैं:
महुआ खवया जा तह आजा बे-
महुआला रांधे ला हो से निभिया डार के
चना चोला बीजा डार के
खटिया में बैठके खाबो-
दोनों को ही मंजा मार बो-
आऊ महुआ के पानी लगा लो पिबो...

Posted on: Nov 04, 2016. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

तै ठाढ़े रहबे गा, तै ओघरे रहबे गा...छत्तीसगढ़ी गीत

कन्हैंया लाल पडिहारी, तमनार ,रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं-
तै ठाढ़े रहबे गा, तै ओघरे रहबे गा-
मैं नून मिरचा लेके आवो तै ठाढ़े रहबे गा-
मैं ठाढ़े रहूं हो मैं उपरे रहूं हो-
तै जा नून मिरचा लेके आबो-
आमा खाएबड़ जाबो-
तै ओगरे रहेबे गा, मैं ओगरे रहूं हो-
मंजनिया के डेरा मा आम खाये जाबो-
ओही बेला में जाबो-
मैं कर लहु अपन बंद दुकान-
दाई दादा मन सुते रही ओही बेला मा जाबो-
आपन जिंदगी ला बनाबो...

Posted on: Oct 22, 2016. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

रुक जा पंछी इतना मत इतरा...ग़ज़ल

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक गजल सुना रहे हैं:
रुक जा पंछी इतना मत इतरा-
ये दुनिया रहती खफा-खफा-
यहाँ तेरा नहीं चलेगा कोई सफा-
कर सके तो कर दुनिया से वफ़ा-

Posted on: Sep 16, 2016. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

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