कोयली कस गुरतुर बोली मा तोरे...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-खैरागढ़, जिला-राजनांदगांव, (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
कोयली कस गुरतुर बोली मा तोरे-
मन हर मोरे पाहागे रात-दिन के-

ये सुरता मा तोरे मन घलो पाहागे-
गा का जादू डारे रहथस ताये राजा-
झूम-झूम के कागा के कलंगी घूम-घूम के...(185623)

Posted on: Mar 17, 2021. Tags: CG CG SONG JAYA MUNDE RAJNANDGAON

सुन्दरता पर न जायें गुण पर जायें...दोहा

जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से बिरेन्द्र गंधर्व दोहा सुना रहे हैं:
पति व्रता मैली भली काली कुचिर कुरूप ऐसी नारी के रूप पर सौ-सौ वारो रूप अपना संदेश रिकार्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं (AR)

Posted on: Mar 17, 2021. Tags: BIRENDRA GANDHARV CG DOHA RAJNANDGAON

जनरल नॉलेज :

जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से पारस कुमार जनरल नॉलेज के बारे में जानकारी दे रहे हैं:
म्यामार का राष्ट्रीय पक्षी है, मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया है 26 जनवरी 1963 को
दिल्ली का प्राचीन नाम है,हस्तिनापुर और इन्द्रप्रस्त (AR)

Posted on: Mar 17, 2021. Tags: CG EDUCATION PARAS KUMAR RAJNANDGAON

मोर ले बोचक के तै कहां जाबे भजिया...गीत-

जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से बिरेन्द्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
मोर ले बोचक के तै कहां जाबे भजिया-
मोर ले बोचक के-
गोंदली ला चाबे अऊ-
मिर्चा ला बोजे-
बड़े फजर ले तोला लगथों मै खोजे-
कहां रे लुकाये हवस तै चुर पक के-
मोर ले बोचक के तै कहां जाबे भजिया...(AR)

Posted on: Mar 17, 2021. Tags: BIRENDRA GANDHARV CG RAJNANDGAON SONG

अभिलाषा के विध्या के शिक्षा का सुविचारो से...कविता-

जिला-राजनदगावं (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व कविता सुना रहे है:
वीरेन्द्र गंद्रव नाम हमारा-
राजनादागावं गावं हमारा-
अभिलाषा के विध्या के-
शिक्षा का सुविचारो से-
हमें वितरक है-
लो ख़ुशी दो ख़ुशी-
तो खुशनुमा होगी जिन्दगी-
किले जितने वाले मिट जाते है-
दिल जितने वाले सदा याद किये जाते है...

Posted on: Mar 13, 2021. Tags: CG POEM RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV

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