ये क्या मुसीबत आ गया चारो तरफ सन्नाटा छा गया...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी कोरोना पर एक कविता सुना रहे हैं :
ये क्या मुसीबत आ गया चारो तरफ सन्नाटा छा गया-
वन उपवन में भी नहीं बसंत बाहर-
बसंत ऋतू राज में भी नहीं फूलो की हार-
आम चार महुवा तेंदू में नहीं बौर-
मानो सभी को हो चला लकवा का दौर-
अस्त ब्यस्त हो रहा धरा सभी बीतते है मरा मरा...
Posted on: Apr 03, 2020. Tags: CG CORONA KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
कोरोना वायरस से दिल डरने लगा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
दिल धक धक करने लगा-
कोरोना वायरस से दिल डरने लगा-
सुन समाचार सांसे उड़ने लगा-
आँखों के आगे अँधेरा छाने लगा-
दिलो दिमाग की नसे तन गयी...
Posted on: Apr 02, 2020. Tags: CG CORONA KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
गोबर मिट्टी छूना पसंद नहीं करती...
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी आज की स्थिती के बारे में बता रहे हैं:
आज की औरते गोबर मिट्टी छूना पसंद नहीं करती-
गोबर मिट्टी छूने को घिन करती हैं-
उन्हें तो मार्बल, पुटिंग लगा बंगला चाहिये-
उन्हें भी काम कराने के लिये नौकर चाकर चाहिये-
खेत खार में वे क्या काम करेंगे-
उन्हें तो चुना हुआ राशन चाहिये...
Posted on: Apr 01, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
ऊँची कुर्सी ऊँचा छलांग...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ऊँची कुर्सी ऊँचा छलांग-
दुनिया हो जाये वीरान-
अपनो का कौन करे पहचान-
जहाँ से माल मिले उसी का पहचान-
यहां भुक्कड़ बन गये महान-
लूट लेंगे सारा जहान...
Posted on: Apr 01, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
ये दुनिया एक माया नगरी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ये दुनिया एक माया नगरी-
यहां की खेल निराली-
जिसे तुम अपना समझो-
वही देती तुम्हे गाली-
इंसानों का लगा यहां मेला-
पर भी पकड़ा उनका फनकार...
