पीड़ितों का रजिस्टर: बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार से नौकरी कि मांग है...
ग्राम-सुलंगी, ब्लॉक-कोयलिबेड़ा, ज़िला-कांकेर, छत्तीसगढ़ से उर्मिला उसेंडी बता रही हैं कि उनके पति, सुम्मत उसेंडी की 2013 में नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। हत्या का कारण आज तक नहीं पता चला। हत्या के बाद सरकार की तरफ से उन्हें रु 8 लाख की राशि की मदद मिली। मगर वे चाहती हैं उन्हें एक नौकरी भी मिलनी चाहिए और पास के शहर में रहने के लिए एक जगह। इन चीजों की मदद से वे अपने बच्चों को शिक्षा और एक अच्छा बचपन दने की उम्मीद रखती है। संपर्क नंबर@6264039214.
Posted on: Feb 27, 2022. Tags: CG KANKER KOYLIBEDA MAOIST VICTIM URMILA USENDI VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सलियों ने बच्चों को नक्सली संगठन में शामिल करने की मांग की थी, फिर डर से गा
नगर पंचायत भानुप्रतापपुर (तसरी पारा) जिला-कांकेर (छतीसगढ़) से सरिता नेताम जी बात कर रहे हैं इनके गाँव देवार खेड़ा में नक्सलियों ने बच्चों को नक्सली संगठन में शामिल होने के लिए मांग मांग कियें थे| अगले दिन उन्होंने डर से गाँव छोड़कर भानुप्रतापपुर आकर बस गए| इस दौरान इनके घर, फसल, जानवर, खेत सब कुछ छोड़कर भाग आए| अब इनके पास रहने व कमाने को कुछ भी नहीं है| सरकार के द्वारा जमीन व 90 हजार रुपये मिलने की बात हुई थी किन्तु सिर्फ 9 हजार रुपये ही कलेक्टर द्वारा मिले| इनकी मांग है बाकी जो पैसा मिलना था वह मिल जाता तो कोई काम धंधा शुरू कर पाते |
Posted on: Feb 19, 2022. Tags: BASTAR BHANUPRATAPPUR CG DISPLACED KANKER MAOIST VICTIM VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: पिता के गिरफ़्तारी के बाद परिवार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा|
ग्राम-निबरा, पंचायत-भैंसगांव, ब्लाक-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से दसरथ गावड़े बता रहे हैं कि उनके पिता का नाम शुक्लू था जिन्हें नक्सली समझ कर पुलिस ने गिरफ्तार किया था| शुक्लू अपने घर में अकेले कमाने वाले व्यक्ति थे, उनकी गिरफ़्तारी के बाद परिवार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा| सरकार ने उनकी कोई मदद नही की है| अधिक जानकारी के लिए संपर्क@9406464239.
Posted on: Feb 18, 2022. Tags: CG DISPLACED KANKER MAOIST VICTIM UTTAR BASTAR VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: माओवादी उन्हें मरने आये थे तो उन लोग डर के कारण भागकर आये हैं ...
ग्राम-कावाड़ी जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़)से बतारुराम नुरेटी पिता सुधरा बता रहे हैं, उसको माओवादी के लोग मरने के लिए आये थे| तो डर के कारण उनके परिवार वाले सब मिलकर नारायणपुर शांतिनगर में भागकर आये है| जब उन लोग भाग कर आने के बाद सरकार से कोई सुविधा नहीं मिला हैं उन लोग शांतिनगर में एक छोटा सा घर बना कर रहते है| शांतिनगर से उनका राशन कार्ड नहीं बना हैं कांकेर जिला का राशन कार्ड से राशन मिल जाता है| पुराना गाँव से जो जान पहचान वाला ला देता है तो उनको राशी मिलता है, वर्तमान में गोपनी सैनिक में नौकरी करते है| संपर्क नंबर@9406016845.
Posted on: Feb 13, 2022. Tags: BTARURAM NURETI CG DISPLACED KANKAER MAOIST VICTIM VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: गांव में बहुत परेशानी हो रही थी, गांव से बाहर नहीं जा सकते थे|
ब्लाक-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से हेतल खोंड़े बता रहे हैं कुछ साल पहले माहलागांव से पखांजूर आकर बस गए| उनके गाँव में नक्सलियों की दहशत थी| पुरुष लोगों गाँव से बाहर नहीं जा सकते थे और ना ही बाजार, सर्फ महिलाओं को बाहर जाने की अनुमति थी| इस स्थिति से तंग आकर इन्होंने अपना मूल गाँव छोड़कर आना पड़ा| उनका कहना है की कुछ जमीन और राशनकार्ड बन जाता तो मदद होती| उन्हें सरकार के तरफ से कोई मदद नहीं मिला है| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@8816407095.
