परसों परसों नरसों बरसोंजुग बीते जाल कहाँ रहती है...भक्ति गीत
भदौनी (उत्तर प्रदेश) से अजय कुमार मिश्रा सरस्वती वंदना सुना रहे हैं:
परसों परसों नरसों बरसोंजुग बीते जाल कहाँ रहती है-
प्रेमसुधा रस इन दोनों सेतीस प्रेमी का सुख ही आहें भारती है-
स्वास ही स्वास में कण भर ले कबहु न धनिस ते तिलती है – मोहउ पुकारके देहु भई जब लंबू जी लंबू कहा करती है-
खड़ी हो कटाक्ष करके एक नेत्र कटाक्ष नेत्र काल-
भगवान तुम्हारी अरमान मिटाए जाते हैं-
आशाओं को क्षीण कर मृत्यु में मिलाए जाते हैं...
Posted on: Jun 10, 2022. Tags: SARSVATI SONG UTTARPRADESH VANDANA
चले आओ चले आओ... गीत
भीम प्रसाद, बदोही उत्तरप्रदेश से सीजीनेट के श्रोताओं को एक गीत सुना रहे हैं-
चले आओ चले आओ कोई वादा नहीं फिर भी निगाहें राह तकती है-
तुम्हारा ओ हंसी चेहरा कि कैसे भूल सकती है-
चले आओ चले आओ चले आओ चले आओ-
तुम्हारी एक झलक देखी मैं जरदे ख्वाब है ऐसे-
बड़ी प्यारी अबारी की चीज हुई जैसे-
इसी जिद के खातिर तमन्नाएन मचलती है-
संपर्क नंबर@8795505090.
Posted on: Jun 08, 2022. Tags: BHADOHI SONG UTTRPRADESH
पुन कल के करैं प्रचार लड़ीका तड़ीका चार हजार...गीत
पोस्ट-माड़ा, जिला-सिंहरौली मध्यप्रदेश से रामधीर सीजींएट के श्रोताओं को बघेलखंडी कविता सुना रहे हैं-
पुन कल के करैं प्रचार लड़ीका तड़ीका चार हजार-
कहैं तुमए पास कराएं हुआँ न कल का पार कराओ-
इतने में जो पास नहोवे पुनः मूल्यांकन फार्म भराओ – लड़का कुचरेसीदी कुचरें सतना पीटता रहे बिहार पटना...
Posted on: Jun 05, 2022. Tags: BAGHELI MADHYPRADESH SINGRAULI SONG
दे दी हमें आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल...गीत-
ग्राम-सुरनार, जिला-दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से गोपीनाथ मांडवी गीत सुना रहे हैं:
दे दी हमें आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल-
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल-
आँधी में भी जलती रही गाँधी तेरी मशाल-
धरती पे लड़ी तूने अजब ढंग की लड़ाई-
दागी न कहीं तोप न बंदूक चलाई-
दुश्मन के किले पर भी न की तूने चढ़ाई...
Posted on: Jun 01, 2022. Tags: CG DANTEWADA DESHBHKTI GOPINATH MANDAVI SONG SURNAR
देश हमारा सबसे न्यारा प्यारा हिन्दुस्तान...देशभक्ति गीत-
राखी साहू, ब्लाक-मनिन्द्रगढ़, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से एक कविता सुना रहे हैं:
देश हमारा सबसे न्यारा प्यारा हिन्दुस्तान-
ऊची-ऊची पर्वत सुन्दर अपने पहरे दार-
देश हमारा सबसे न्यारा प्यारा हिन्दुस्तान-
सब झड की आखों की तारा अपना हिंदुस्तान-
वीर सिपाही हम इसके पैर पीछे नही हटाते-
साहस के पुतले आगे बढ़ सबको राह दिखाते-
उत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम चारो दिशा हमारी-
किन्तु यहाँ भी रखनी होगी पूरी पैहरदानि...
