स्वास्थ्य स्वर : बुढ़ापा अतिशीघ्र नही आने की घरेलू औषधि उपचार...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल बुढ़ापा अतिशीघ्र नही आने की घरेलू औषधि उपचार बता रहे हैं-
लहसुन आधा किलो ग्राम और शहद आधा किलो ग्राम ले और इससें भी अधिक बना सकतें हैं लहसुन को छीलकर शहद में मिलाकर दे और इसे रोज सुबह-शाम एक कलि लहसुन को चबाकर खा ले और एक चम्मच शहद सेवन करने से बुढ़ापा जल्द नही आता हैं अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: संपर्क@9826040015 RK
Posted on: Sep 02, 2020. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER
हर कदम वतन मेरे नाज है तेरा...देशभक्ति गीत-
कुणाल जागले (महाराष्ट्र) से एक देश भक्ति गीत सुना रहें हैं-
हर कदम वतन मेरे नाज है तेरा-
हर कदम वतन मेरे नाज है तेरा-
आजाद मैं हूँ और वतना गाद है मेरा-
वन्दे मातरम वन्दे मातरम वन्दे मातरम-
वन्दे मातरम वन्दे मातरम वन्दे मातरम...
Posted on: Sep 02, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
आत्मा बीन कुछ नही है, माटीका ये शरीर...गीत-
ग्राम-इंद्रबढ़ी, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से हेमंत कुमार श्रीवास एक हिंदी गीत सूना रहें हैं-
आत्मा बीन कुछ नही है, माटीका ये शरीर-
दे दों जीवन दान मुझको, तुम हो बड़े दान वीर-
है निराशा है निराशा, आज मेरे भाग में-
जल रहा हैं मेरा जीवन, इस घुटन की आग में-
तुम जो चाहो तो बुझा दो, ग़म ये चिंगारी-
हा यही मैं जो तुम्हारें, तुम तो हो बड़ी दान वीर-
आत्मा बीन कुछ नही है, माटीका ये शरीर-
दे दों जीवन दान मुझको, तुम हो बड़े दान वीर...
Posted on: Sep 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
जनमत सर्वेक्षण के सन्दर्भ में अपनी विचार व्यक्त कर रहे है...
भागीरथी वर्मा रायपुर (छत्तीसगढ़) से जनमत सर्वेक्षण में बस्तर में शांति स्थापित कैसे होगी इस विषय में अपनी विचार रख रहें हैं बस्तर संसाधनों से भरा पड़ा है, यहाँ सरकार के द्वारा संसाधनों का दोहन करने की प्रकिया जोरों से चल रहा है, जिसका खामियाजा आदिवासीयों को भुकतना पद रहा है, सरकार चाहती हैं, आदिवासीयों को जंगल से भगाया जाए और संसाधन को अधिक से अधिक जल्द स जल्द दोहन किया जाएआदिवासी जंगल को बचाये रखना चाहता है, आदिवासियों का जीवन यापन जंगल पर निर्भर करता है, जंगल ख़त्म हो जाएगा तो आदिवासी भी ख़त्म हो जायेगा दूसरी तरफ नक्सवादी भी जंगल को बचाए रखना चाहते है इसलिए आदिवासी नक्सलियों से मदद लेते हैं और देते भी है | शांति प्रकिया के लिए सरकार और आदिवासीयों के बीच बातचीत कर हल निकाला जाए बंदूक से कभी शांति नही हो पायेगा बन्दुक से आदिवासी मरे या पुलिस मरे मरने वाला भारतवासी ही होगा दोनों मजदूर किसान के बेटे हैं, इसलिए बातचीत का ही रास्ता अपनाना चाहिए: भागरथी वर्मा@9039142049 RK
Posted on: Sep 01, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI 3 SONG VICTIMS REGISTER
सहकार रेडियो : बाल चौपाल (पागल हाथी)
श्रोताओं, सहकार रेडियो के कार्यक्रम “बाल चौपाल” में आज आप सुनेंगे एक कहानी, जिसका नाम है “पागल हाथी”| इस कहानी को लिखा है प्रेमचंद जी ने| आवाज़ है मुंबई की साथी फातेमा एन. शब्बीर की | ये कार्यक्रम सहकर रेडियो से लिया गया है | इस कार्यक्रम 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सुन सकते हैं |
