येदे माया में झन भूलो भाई...गीत-
ग्राम पंचायत-भेलकच्छ, ब्लाक, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सीतारानी नेटी के गीत सुना रही हैं :
येदे माया में झन भूलो भाई-
गोड के फांदा गला ला फंसाई रे-
माया में झन भूलो भाई-
अही बाटे बैर होगे दुश्मन मितान गा-
येदे माया में झन भूलो भाई-
गोड के फांदा गला ला फंसाई रे...
Posted on: Jul 05, 2019. Tags: CG SITARANI NETI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : बालो से संबंधित समस्या का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी बालो से संबंधित समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं| दही 5 चम्मच, नीबू का रस 1 चम्मच, चने का बेसन 2 चम्मच लें| सभी को मिलाकर पेस्ट बना लें, और बालों पर लगायें और एक घंटे बाद धुल लें| ये प्रक्रिया एक सप्ताह में तीन बार कर सकते हैं| इससे बालो का झड़ना, टूटना, दो मुहे बाल की समस्या में आराम मिल सकता है| बालो को धोने के लिये मुल्तानी मिट्टी या हर्बल शैम्पू का प्रयोग करें| पेट साफ रखे| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच दी गाँधी@9111061399.
Posted on: Jul 05, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
बैरन हो गई जोधईया मै कैसे करू...गीत-
जबलपुर (मध्यप्रदेश) से राजकुमार काछी एक गीत सुना रहे हैं :
बैरन हो गई जोधईया मै कैसे करू-
जिनकी बैरन सास ननदिया-
रात की बैरन या जोधईया मै कैसे करूं-
जैसे तैसे जोंधईया डूबी-
बलमा बड़ो है सोबईया मै कैसे करूँ-
जैसे-तैसे मैंने सजन जगाये-
ललना बड़ो है रोवईया मै कैसे करू...
Posted on: Jul 04, 2019. Tags: JABALPUR MP RAJKUMAR KACHHI SONG VICTIMS REGISTER
हिन्द देश का प्यारा झंडा ऊँचा सदा रहेगा...गीत-
जबलपुर (मध्यप्रदेश) से राजकुमार काछी एक गीत सुना रहे हैं:
हिन्द देश का प्यारा झंडा ऊँचा सदा रहेगा-
तूफान और बादलों से भी नहीं झुकेगा-
नहीं झुकेगा नहीं झुकेगा झंडा नहीं झुकेगा-
हिन्द देश का प्यारा झंडा, ऊँचा सदा रहेगा-
केसरिया बल भरने वाला सदा है सच्चाई-
हरा रंग है, हरी हमारी धरती है अंगड़ाई-
कहता है ये चक्र हमारा, कदम नहीं रुकेगा...
Posted on: Jul 04, 2019. Tags: JABALPUR MP RAJKUMAR KACHHI SONG VICTIMS REGISTER
हे जल जब तू आता धरती, हरे भरे हो जाता धरती...कविता-
ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक कविता सुना रहे हैं :
हे जल जब तू आता धरती, हरे भरे हो जाता धरती-
हे जल जब तू आता धरती, नदी नालो से बाढ़ निकलती-
हे जल जब तू आता धरती, गाय भैस हरा चारा चरती-
हे जल जब तू आता धरती, बोये बीज अंकुरण करती-
हे जल जब तू आता धरती, तुझे देखकर गर्मी डरती-
हे जल जब तू आता धरती, मेढ़क भी टर्र-टर्र करती...
