सावन के महिना में भक्ति भाव और त्यौहार के बारे में जानकारी दे रही है...
जाया मुंडा ग्राम खैरागढ़ जिला राजनांदगाँव छत्तीसगढ़ से सावन के महिना में शिवजी के पूजा करते है और श्रद्धा आराधना जो भक्ति अपने मन के शांति के लिये जो कुछ मन्नत रहता है उसी के लिये उपवास रहे जातें है बारिश के समय में मौसम बदल जाते है भी हरे भरे रहते है सावन के माह में बहुत सारे त्यौहार आएंगे जैसे पंद्रह दिन बाद भोजली बोने शुर कर देंगे अपने-अपने घर में और साथ में हरेली का त्यौहार मनाया जाता है उन सभी त्योहारों के बारे में बता रही है|
Posted on: Jul 10, 2020. Tags: JAYA MUNDA RAJNANDGAON CG SAWAN STORY SONG VICTIMS REGISTER
हे कृष्णा गोपाल हरे, हे दीनदयाल हरे...भक्ति गीत-
विष्णु चरण सेनापति ग्राम-डहरापाली,जिला-रायगढ़ छत्तीसगढ़ से भजन गीत सुना रहें है:
हे कृष्णा गोपाल हरे,हे दीनदयाल हरे-
हे कृष्णा गोपाल हरे,हे दीनदयाल हरे-
तुम करता तुम ही कारण है-
तुम करता तुम ही कारण है-
परमें कृपाल हारे, हे दीनदयाल हरे-
रथ हांके रण भूमि में-
और करम योग के मरम में बताये...
Posted on: Jul 10, 2020. Tags: BHAKTI SONG RAIGARH CG SONG VICTIMS REGISTER VISHNU CHARAN SENAPATI
हाय रे हाय रे सरगुजा जिला सुघर लागे...सरगुजिहा गीत-
ग्राम लखनपुर जिला-सरगुजा छत्तीसगढ़ से अजीत कुमार एक सरगुजिहा गीत सुना रहें है:
हाय रे हाय रे सरगुजा जिला सुघर लागे-
हाय रे हाय रे सरगुजा जिला सुघर लागे-
आलथी कालाती मदार बाजे-
सरगुजा जिला सुघर लागे-
सरगुजा जिला सुघर लागे-
चारो कती करमा के डर गड़े हे संगी-
चला हमू खेले जाबो करमा मा संगी...
Posted on: Jul 10, 2020. Tags: AJEET KUMAR SARGUJA CG SARGUJIHA SONG SONG VICTIMS REGISTER
उल्लू आया उल्लू आया,एक गुन का गोला लाया...कविता-
ग्राम नवलपुर, पोस्ट-कोतरी, जिला-मुगेली छत्तीसगढ़ से नेहा बुनकर के साथ संजना नेताम है, जो एक कविता सुना रही है:
उल्लू आया उल्लू आया,एक गुन का गोला लाया-
चरखा बोला चूं चूं, खरगोश बोला कुह कुह-
देखो रंग से भरी दवाद,है किसान भाई हल के साथ...
Posted on: Jul 10, 2020. Tags: MUNGELI CG NEHA BUNKAR POEM SANJNA NETAM SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : खीरे का औषधि के रूप में प्रयोग करें...
ग्राम-रनई, थाना-पटना जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से बैद्य केदारनाथ पटेल आज हमारे श्रोताओं को घरेलु उपचार में खीरे का औषधि उपचार बता रहे हैं: (1) नेत्र रोग, नेत्ररोग के जो आँख के नीचे-नीचे काले-काले धब्बे हो जाते हैं उसमे खीरे कि पेस्ट एक सप्ताह लगाने पर ठीक हो जाता है (2) कंठ रोग, कंठ रोग में खीरे कि पत्तों का क्वाथ बनाकर 10-20 क्वाथ को 500 मिलीग्राम जीरा का चूँरण मिलाकर सेवन करने से गले का कंठ रोग में लाभ होता है (3) ब्रिहग बस्ती रोग, मुत्रक्रिश में दर्द व् कठिनाई में मूत्र करते समय जलन होना मुत्रतियाग के रोगी को भोजन में खीरे का सेवन करने से रोग समाप्त हो जाता है (4) मूत्राघात, मूत्राघात में खीरे के बीज कल्क को 2 से 4 ग्राम अमलकांजी तथा लवंड के साथ मिलाकर सेवन करने से मूत्राघात मूत्र का न बनना रोग का स्वर्ण होता है मूत्र बनने लगता है और विस्तार से जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते हैं: सम्पर्क नंबर @9826040015 CS
