आवास के लिये कई बार आवेदन दे चुका हूँ लेकिन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है...
ग्राम-चौकिहा, पोस्ट-डभौरा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुरेन्द्र कुमार यादव बता रहे हैं कि वे कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिये आवेदन कर चुके हैं, लेकिन उनके नाम से आवास नहीं आया है, उनका कहना है जिनके पक्के मकान बने है उन्हें आवास योजना का लाभ मिला है, मै कच्चे मकान में रहता हूँ जो बारिस में टूट चुका है उसके बाद भी मुझे योजना का लाभ नहीं मिल रहा है| वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर योजना का लाभ दिलाने में मदद करें: संपर्क नंबर@9755171515. सचिव@7898070744. (172303) (AR)
Posted on: Aug 07, 2020. Tags: AWASYOJNA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : संतुलित भोजन करने के लाभ-
सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी भोजन करने के तरीके के बारे में बता रहे हैं, भोजन ठूस ठूस कर नहीं करना चाहिये, ऐसा करने से भोजन ठीक से नहीं पचता हैं इसलिये संतुलित भोजन करना चाहिये हैं, भोजन के अच्छे से पचने पर शरीर को उर्जा मिलती है और शरीर निरोग रहता है, समय पर भोजन करना चाहिये, भूख लगने पर भोजन करना चाहिये| (AR)
Posted on: Aug 07, 2020. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER
दिल कर किताब में इशु नाम, इशु नाम लिखा रे...गीत-
बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खलखो एक गीत सुना रही हैं:
दिल कर किताब में इशु नाम-
इशु नाम लिखा रे-
कभी न तोके छोड़ी इशु रे-
कभी न तोके छोड़ी मसीह रे-
जीवन में शांति इशु नाम में-
जीवन में मुक्ति मिली मसीह नाम में-
कभी न तोके छोड़ी इशु रे...
Posted on: Aug 07, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
आव का मितानिन पारा भुलुक जांवा...हल्बी गीत-
ग्राम-ढोडरेपाल, ब्लाक-दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से भागवती एक गीत सुना रही हैं:
आव का मितानिन पारा भुलुक जांवा-
गाँव चो मितानिन पारा चे पेटे हरिन-
दोनों मिलुन आंगनबाड़ी तो गेला-
कै सपरो बलि की निकरा हाँथ केली-
कन्न केली फुबली जली निकरा हांसी केल... (AR)
Posted on: Aug 07, 2020. Tags: HALBI SONG SONG VICTIMS REGISTER
गाँव का नाम बागमुंडी कैसे पड़ा पर चर्चा...
ग्राम-पटेल पारा, पंचायत-बागमुंडी पनेरा, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) के निवासी धनीराम कवासी और उनके साथी गाँव का नाम बागामुंडी कैसे पड़ा के बारे में बता रहे हैं, गाँव के लोगो की मान्यता है कि उनके गाँव में पहले बाघ आकार रहा करते थे जिसके कारण लोग उस स्थान छोड़कर दूसरे स्थान पर चले जाते थे इस तरह से जो लोग उस गाँव को छोड़कर दूसरे स्थान पर बसे उन लोगो ने बाद में बने गाँव को बागामुंडी नाम दिया और उस जगह पर जहाँ बाघ रहते थे उस जगह को छोड़ दिया गया और बाद में वहां पर देवी का मंदिर बना दिया गया, आज भी वहां गाँव नहीं बसाया गया| (AR)

