कोइली कस गुरतुर बोली मा तोरे...छत्तीसगढ़ी गीत-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं:
कोइली कस गुरतुर बोली मा तोरे-
मन हा मोरे पहा गे-
रात दिन के सुरता मा तोरे-
दिन मोरे पहा गे गा पहा गे गा-
का जादू डारे तैहाँ का जादू डारे-
रेंग थस तै राजा झूल -झूल के...(AR)
Posted on: Feb 28, 2021. Tags: CG SONG
मम्मी मै टीवी देख लूँ ...चुटकुला-
रायपुर (छत्तीसगढ़) से अनमोल कुमार चंद्राकर चुटकुला सुना रहे हैं:
चिंटू – मम्मी मै टीवी देख लूँ
ममी -हां टीवी देख लो उसे ऑन मत करो...(AR)
Posted on: Feb 28, 2021. Tags: ANMOL CG CHUTAKULA KUMAR RAIPUR
स्वास्थ्य स्वर : भकन्दर रोग का घरेलू उपचार -
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेलआज हम लोगो को भकन्दर रोग का घरेलू उपचार बता रहे हैं, तिल, एरंड का जड़, मुलेठी, इन सबको मिलाकर दूध के साथ पीसकर लेप करने से भकन्दर का पीड़ा में लाभ हो सकता है, 2. अकोल का तेल 100 ग्राम, मोम 25 ग्राम, आग पर गर्म कर के उसमे 3 ग्राम, टिकिया इन सबको मिला कर लेप करने से लाभ हो सकता है,
3. साप का कचुली का भष्म बना कर उसमे तम्बाकू का गुल मिलाकर सरसों के तेल के साथ लेप करने से भकन्दर रोग नष्ट हो जाता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं| संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Feb 28, 2021. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA
गाँव के लोगो को पट्टा नही मिला, युवा साथियों ने मोर्चा निकालते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा...
ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से रूप लाल मरावी बता रहे हैं कि वन अधिकार पट्टा हेतु गाँव के सभी युवाओं तहसीलदार प्रतापपुर को ज्ञापन दिया है| उन्होंने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत 2008 में पट्टे के लिए आवेदन किया था| लेकिन कुछ अधिकारी और कर्मचारियों के मिली भगत से गलत तरीके से ग्राम सभा का आयोजन कर कागजी कार्यवाही पूरी कर ली इसकी वजह से किसी भी ग्रामीण को पट्टा नही मिला| सम्पर्क नम्बर@8718879605.
Posted on: Feb 28, 2021. Tags: CG LAND PROBLEM PRATAPPUR ROOPLAL MARAVI SURAJPUR
आमाझरन झरना की कहानी...
ग्राम-मुदे, थाना-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से प्रेमलाल करतबिया अपने गांव कि पहाड़ी के बारे में बता रहे हैं, आमाझरन एक जगह है, यहां प्रकृतिक रूप से पानी बहता है और बड़े-बड़े आम फलते हैं| यहाँ बारह महीना पानी बहता रहता है| पहाड़ के निचे छुही का खदान है, जिससे घरों में पुताई होती है| इस मिट्टी को लेने दूर-दूर से लोग आतें हैं| पीले रंग की मिट्टी निकलती है| पहाड़ के ऊपर एक बहुत बड़ा मैदान है, गांव भी छोटा पड़ेगा इतना बड़ा मैदान है| इस मैदान में मनिहारी का पेड़ है जिससे फल और शुद्ध हवा मिलती है| आने जाने का रास्ता भी नहीं है, बहुत दिक्कत होती है| हरियाली और पोला के त्यौहार में गाँव के लोग वहाँ घुमने जाते हैं| सम्पर्क:- 6264476828(RM)
