पीडितो का रजिस्टर: मओवादियो ने परेशान करने के कारण 2013 को गाँव छोड़कर आये हैं...

ग्राम-आलबेडा ,जिला-नारायणपुर-(छत्तीसगढ़) से संतुराम वर्दा पिता दुग्गा वर्दा बता रहे हैं की मओवादियो ने परेशान करने के कारण अपना गाँव छोड़कर आये हैं| उन्हें गाँव में रहते वक्त में मार्किट या कई शहर जाने नहीं देते थे| पुलिस के संपर्क में रहते हो बताकर जनता के सामने मीटिंग बैठना और मारपीट करना गलिया देना करते थे | उन्होंने अपना जान बचाने के लिए 2013 को गाँव छोड़ आये हैं |नारायणपुर शांति नगर में रहा रहे हैं उनका एफ.आई.आर.दर्ज होने के बाद उन्हें सरकारी के माद्यम से 30,000 हजार रुपया मिला हैं आधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर बात कर सकते हैं | संपर्क नंबर@9406077166.

Posted on: Jun 27, 2022. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANPUR VICTIMS REGISTER

तोहार दमकइले तू बड मनमानिया...भोजपुरी गीत-

जिला-गोरकपुर (उत्तरप्रदेश) से सत्यम कुमार एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं:
तोहार दमकइले तू बड मनमानिया-
अबकी दाली लगैली हो-
सईया जैहिये जय जय-
देवगढ़ आना तोहर-
मम्मी चली हो सईया-
तोहार दमकइले तू बड मनमानिया...

Posted on: Jun 27, 2022. Tags: BHAOJPURI GORKPUR SATYM KUMAR SONG UP

स्वास्थ्य स्वर : बीमारी के वक्त लोगों को परहेज करने की आवश्यकता होती है...

छोटे डोंगर, नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी गांव के वैद्य हेमचंद मांझी से चर्चा कर रहे हैं| वे बता रहे हैं कि उनके पास कैंसर, दमा, मिरगी बीमारी से पीड़ित लोग आते हैं| वे बता रहे हैं| जो व्यक्ति केंसर से पीड़ित हैं| वे हल्दी, उड़द की दाल, कुंदरू, बूंदी, कोचई, आम, ईमली खटाई का सेवन न करें | परहेज करने से ही बीमारी को ठीक किया जा सकता है| बीमारी से संबंधित जानकारी के लिये दिये गये नंबर संपर्क कर सकते हैं : वैद्य हेमचंद मांझी@9407954317.

Posted on: Jun 27, 2022. Tags: CG HD GANDHI NARAYANPUR SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER

आशिक पराना तेरा होगी यानि मै...गीत-

लुधियाना, पंजाब से निकेतन शर्मा सुना रहे हैं, जिसके बोल है, ” आशिक पराना तेरा होगी यानि मै ” | अपने गीत संदेश रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं|

Posted on: Jun 27, 2022. Tags: LUDHINA NIKETAN SHARMA PUNJAB SONG

पीड़ितों का रजिस्टर: गांव छोड़कर 2015 में गांव से शांतिनगर नारायणपुर आ गए

बुधराम सलाम, ग्राम पंचायत-कोहकामेटा, ब्लाक-ओरछा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं उनके पुराना गांव में बच्चें लोग बहुत बीमार रहते थे। इसलिए वे अपना गांव छोड़कर 2015 में गांव से शांतिनगर नारायणपुर आ गए। मजदूरी कर के अपना जीवन यापन कर रहे हैं। हॉस्पिटल से दवाई करते थे परंतु ठीक नहीं होता था। और जब से कोरोना आया है तो डर नहीं करवा रहे हैं। कोरोना के वजह से अपने बच्चो को हॉस्पिल्ट नहीं ले जा रहे हैं पॉजिटिव आने से बंद कर देंगे इसलिए नहीं जा रहे हैं। वे पीड़ित परिवार से नहीं हैं। उनके छोटे भाई नक्सल पीड़ित परिवार से थे। अपना गांव छोड़कर शांतिनगर में आया था नक्सली डर से फिर बीमारी से उनका मृत्यु हो गई फिर बड़े भाई उनके ही घर में रह रहे हैं। उनका छोटे भाई का बच्चे को देख भाल कर रहे हैं। पुराना गांव में उनको जाने में परेशानी होती हैं। अभी भी डर हैं गांव जाने में उनके बड़े भैया पूरा गांव में ही रहते हैं और खेती बाड़ी करते हैं।

Posted on: Jun 26, 2022. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER

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