गन के अधिकारी आहा बड़का भैया हो...भोजपूरी गीत-
जिला-पूर्णिया (बिहार) से भक्त प्रहलाद साथ में निशा कुमारी एक भोजपूरी गीत सुना रहे हैं:
गन के अधिकारी आहा बड़का भैया हो-
ये भैया गली गली चर्चा कराये-
सुख के गुरु बनाई लिहे हो-
ये भैया गली गली चर्चा कराये-
गन के अधिकारी आहे छोटका भैया हो-
गन के अधिकारी आहा बड़का भैया हो...(184083)
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: BHOJPURI SONG BR NISHA PRHALAD PURNIYA
रही जो कृपा भगवन के...भोजपुरी लोक गीत-
जिला-कुशीनगर (उत्तरप्रदेश) से सुकई कुसवाहा एक भोजपुरी लोक गीत सुना रहे हैं:
जिक राम न बिगड़ हैंये-
ओ कर लोग का बिगाड़ी-
रही जो कृपा भगवन के-
निर्बल न को बोहारी-
हर दम तो पूरा चाहे ला-
दुनिया में हो मुदइया...(AR)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: BHOJPURI SONG
बच्चो के लिये जनरल नॉलेज...
ग्राम-पपरौड़ी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से सोनू राठौर जनरल नॉलेज बता रहे हैं, जिससे वे बच्चे जो गाँव में रहते हैं, इंटरनेट की सुवधा से दूर हैं, जिनके पास केवल एक छोटा फोन है जिससे केवल बात कर सकते हैं, दूसरे वे बच्चे जो देख नहीं सकते केवल सुन सकते हैं, इसे सुन सके और सीख सकें| एसी जानकारी रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Feb 23, 2021. Tags: ANUPPUR EDUCATION MP SONU RATHOUR
कार्यकर्त्ता और उपयोगकर्ता के बीच संपर्क और सूचनाओं के आदान-प्रदान का अच्छा प्लेटफार्म है...
जिला-भोपाल (मध्यप्रदेश) से सुनील सेन सीजीनेट के बारे में बता रहे हैं कि
सुनील एक दृष्टि बाधित व्यक्ति हैं और वह दिव्यंगो के लिए उपयोगी संस्थाओ से जुड़े हुए हैं| वे सीजीनेट के सभी साथियो का आभार व्यक्त कर रहे हैं, धन्यवाद दे हुये कह रहे हैं सीजीनेट के माध्यम से हमें ज्ञान वर्दक जानकारी मिलती है| कार्यकर्त्ता और उपयोगकर्ता के बिच संपर्क और सूचनाओं के आदान-प्रदान का अच्छा प्लेटफार्म है|इस निशुल्क सेवा का लाभ लेने के लिए इसका सही उपयोग करें| यह लोगो की अपनी समस्या, अपनी कहानी को व्यक्त करने का माध्यम है| (185358) GT
Posted on: Feb 23, 2021. Tags: BHOPAL MP STORY SUNIL
वनांचल स्वर: कलपांज पहाड़ की कहानी...
ग्राम- हाटकर्रा, तहसील- भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से भोला राम पटेल कलपांज पहाड़ के बारे में बता रहे हैं, जिसको कुछ स्थानीय निवासी गोटुल डोंगरी भी बोलते हैं। पुराने समय में वृद्ध लोग रात को पहाड़ पर खेलने जाते थे और सवेरे घर वापस आ जाते थे। बहुत से लोग वहां पिकनिक मनाने जाते हैं। जन्माष्टमी और माघ पूर्णिमा पर्व के दिन लोग घूमने जाते हैं। वहाँ सूर का पेड़ भी पाया जाता है, जिससे लोग नशा भी करते हैं। वहां पर बॉक्साइट और ताम्बे की खदान भी है। सम्पर्क@7722949229. (185606) GT
