अधिकारी ने दूसरे के नाम की पट्टे की जमीन, परेशान परिवार ने लगाई गुहार...
ग्राम पंचायत-जोलगी, वार्ड क्रमांक 1, तहसील-भरतपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अमृतलाल यादव बता रहे हैं, पट्टे की भूमि जो उनके पिता सुकलाल के नाम पर थी, जिसका पट्टा उनके पास है लेकिन पटवारी द्वारा दूसरे के नाम पर भूमि कर दी गयी है, उनके पिता सुकलाल की मृत्यु 2004 मे बीमारी के कारण हो चुकी है| भूमि उनके परिवार के सदस्य के नाम पर होनी चाहिये लेकिन भईयालाल भूटिया के नाम पर पट्टा बना दिया गया है, वे इसके लिये कई बार कार्यालय मे आवेदन दे चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरो पर संपर्क कर समस्या का निराकरण कराने मे मदद करें: संपर्क नंबर@9977741285॰ तहसीलदार@9926131044, 7999716306, उपसरपंच@9617874488, सरपंच@8462944067, पटवारी@8319974048,
कलेक्टर@9425253531, विधायक@9926117198. (184195)
Posted on: Mar 12, 2021. Tags: AMRITLAL YADAV CG KORIYA PROBLEM
बैठे विलम ले आमा छाव रे...लोक गीत-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं:
गाड़ी वाला जहुरिया-
बैठे विलम ले आमा छाव रे-
मया पिरित के जुड़ पुरवईया-
सुख सुघर के छांव रे-
बैठे विलम ले आमा छाव रे-
जनम जनम के तोर मोरो होगी चीन पहचान रे...(AR)
Posted on: Mar 12, 2021. Tags: CG JAYA MUNDE RAJNANDGAON SONG
जादा मीठा खाना नहीं...गीत-
राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
जादा मीठा खाना नहीं-
फिर पीछे पछताना नहीं-
चीनी रोगी हो जाओगे-
हाय हाय मे ही खो जाओगे-
गोलियो को खाओ चावल मत खा-
परहेज मे फिर जीवन बिता...
Posted on: Mar 12, 2021. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VIRENDRA GANDHARV
लाभ के लिये लोग वनो और पहाड़ो को नुकसान पहुचाने लगे हैं
ग्राम-दमकासा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से निवासी शेर सिंह अचला हिन्दू बिनापाल के जगह के बारे मे बता रहे हैं, इससे पूर्व उसे गढ़ बिनपाल के नाम से जाना जाता था, उस जगह पर 3 पहाड़ियो का समूह है| अब लोग लाभ के लिये वनो की कटाई करने लगे हैं, खनिज संपदा जिसका लाभ बाहरी लोग लेना चाहते हैं| जिससे प्रकृति की सुरक्षा खतरे मे आती है| इससे जलवायु और मौसम मे असर पड़ रहा है| बिना मौसम बरिस, तेज गर्मी, अकाल होती है|
Posted on: Mar 12, 2021. Tags: BAHN SAHU CG KANKER STORY
समय के साथ जीवन शैली और पूजा पाठ बदलाव...
ग्राम-दमकासा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से निवासी शेर सिंह अचला अपने समय होने वाले पूजा पाठ की प्रकृया, जीवन जीने के तरीके के बारे मे बता रहे हैं, उनका कहना है, पहले महुआ से जो शराब बनता था उसे औषधि के रूप मे उपयोग किया जाता था लेकिन समय के साथ उसका दुरुपयोग होने लगा और नसे के लिये उपयोग किया जाने लगा| वहाँ रहने वाले लोग पेड़, पहाड़ो मे आस्था रखते हैं| उनका कहना हैं पहले लोग पेड़ो प्रकृति की पूजा करते थे लेकिन बाद मे समय के साथ मंदिरो मे पूजा पाठ होने लगा|
