वनांचल स्वर: जंगल पर विपरीत असर पड़ा और पेड़ों की कटाई ज़्यादा बढ़ गई...
ग्राम-कराठी, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, छत्तीसगढ़ से वीर सिंह बता रहे हैं कि उन्होंने पिछले 40 सालों से जंगल को बढ़ते घटते देखा है। जंगल में जो पशु-पक्षी थे वे पूरे विलुप्त हो गए हैं। 2006 में केंद्र सरकार वन अधिकार कानून लाई थी, जिसका जंगल पर विपरीत असर पड़ा और पेड़ों की कटाई ज़्यादा बढ़ गई। बढ़ती आबादी के कारण जंगल में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हुई। गांव के लोगों भी जल-जंगल को ध्यान नही दे रहे हैं। शायद वह सोच रहे हैं कि आगे चल कर पेड़ों की ज़रूरत नहीं रहेगी। आदिवासी समाज जंगल का दोहन बाकी लोगों से कम करता है। अब उनका प्रयास है की जंगल बचना चाहिए। (185685) GT
Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VEERSINGH
स्वास्थ्य स्वर : लकवा का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी लकवा का घरेलू उपचार बता रहे हैं, अकरकरा पाउडर बना ले, अकरकरा ढाई सौ ग्राम, और एक लीटर गुल्ली का तेल इन दोनों को मिलाकर के उबाल ले और उससें सुरक्षित रख ले, इसको लगातार दिन में 3 बार जिस अंग पर लकवा लगा है उस पर मालिस करने से लाभ हो सकता है| 2. अकरकरा का मूल का पाउडर 500 सौ मिली ग्राम मात्रा में शहद के साथ चाटने से लाभ हो सकता हैं| परहेज ठण्डी चीजों से बचे, मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग न करें, नशा न करें, मैदा, शक्कर, नमक, का प्रयोग कम करें, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: एच डी गाँधी@9111061399. (164006) GT
Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR
एक सत तक नहीं होती है...गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से शुभम गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
सापा सापा सापा-
एक सत तक नहीं होती है-
सात सुरों की एक लड़ी-
ऊपर जाते ओरोई-
और लौटे ओरोई-
सा गा मा प नी-
सा नी गा पा मा री...
Posted on: Mar 05, 2021. Tags: CG RAJNANDGAON SONG SUBHAM GANDRAV
वनांचल स्वर: लोग सल्फी को नशे के रूप में उपयोग करते हैं, अधिक पीने हानिकारक है...
ग्राम-कराठी, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पद्दा जी सल्फी के उपयोग के बारे में बता रहे हैं। कुछ लोग सल्फी को नशे के रूप में उपयोग करते हैं। अधिक सेवन करने से यह हानिकारक हो जाती है। गर्मी के समय में इस पेय पदार्थ को उत्तम माना जाता है।
Posted on: Mar 05, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRSINH PADDA
वनांचल स्वर: आने वाले पीढ़ी को फल, फूल और शुद्ध हवा मिल सकेगी...
ग्राम-कन्हारपुरी, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से संजय कुमार सोरी बता रहे हैं कि ग्राम मोदे में जब उनका आना हुआ था, तो उस समय पूरा इलाका जंगल था। रोड, पुलिया और टावर जैसा कुछ नही बना था। पूरे गांव का एक ही स्कूल था। वहां रोड बहुत खराब था तो चलना भी बहुत मुश्किल होता था। वह 22 साल से इस गांव में रह रहे हैं। अभी गांवों में बहुत बदलाव आ चुका है और गांव के लोगों ने सोचा कि उनको जंगल की सुरक्षा करना चाहिए। बच्चों को हर पेड़ के बारे में बताते है ताकि आगे चल कर वह लोग भी अपने जंगल की सुरक्षा करें। गांव वाले बच्चों को बीज दिखाते हैं। हर साल बच्चों का ग्रुप बना कर वृक्षारोपण करते हैं और उत्सुकता एवं खुशी से पौधे लगाते हैं। ऐसा करने से उनके आने वाले पीढ़ी को फल, फूल और शुद्ध हवा मिल सकेगी। अधिक जानकारी के लिए संपर्क@9407602369. (185730) GT
