हमारे गाँव में ज्यादा लोग छत्तीसगढ़ी बोलते हैं पर हमलोग मातृभाषा गोंडी को बचाकर रखना चाहते हैं...
ग्राम-भुरभुसी, पंचायत-जबेली, तहसील-पखांजूर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रैनूराम कोला और सालेकराम टोप्पो सीजीनेट के अमर मरावी को उनके गाँव में बोले जाने वाले भाषाओं के बारे में बता रहे है कि वहां के आदिवासी गोंडी भाषा में बहुत कम बोलते है छत्तीसगढ़ी भाषा में ज्यादा बातचीत करते है और घर में अपने परिवार के साथ गोंडी भाषा में बात करते हैं जो आदिवासियों की मातृभाषा है |उस भाषा को भूलते जा रहे है अब धीरे-धीरे मातृ भाषा लुप्त होते जा रही है| लेकिन अब आदिवासी लोग अपनी भाषा को बचाकर रखना चाहते है| उनके गाँव में सीजीनेट की यात्रा पहली बार गया हुआ था| वहां के लोगो को बहुत अच्छा लगा |
Posted on: Sep 06, 2018. Tags: CG KANKER LANGUAGE PAKHANJUR RAINURAM KOLA SALEKRAM TOPPO SONG VICTIMS REGISTER
ये आप के हम जान दे परिवर्तन की इस बेला में...स्वागत गीत
ग्राम-सावेर, पोस्ट-बांदे, ब्लाक-कोयलीबेडा, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रुकमनी उसेंडी एक स्वागत गीत सुना रही है:
ये आप के हम जान दे-
परिवर्तन की इस बेला में-
मधुर मुस्कान से करते हम स्वागत-स्वागत-
शुभ स्वागतम् शुभ स्वागतम्-
पाऊल पाऊल धरती पे-
पड़े जो आपके शुभ कदम...
Posted on: Sep 06, 2018. Tags: CG KANKER PAKHANJUR RUKMANI USENDI SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव का नाम रेंगावाही कैसे पड़ा : एक गाँव की कहानी (गोंडी भाषा में)
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-रेंगावाही, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां मोहन यादव की मुलाक़ात गाँव के बुजुर्ग गांडूराम धुर्वा से हुई है जो उनको उनके गाँव का नाम रेंगावाही कैसे पड़ा उसके बारे में गोंडी भाषा में बता रहे है वे कह रहे हैं कि पहले के ज़माने में उनके गाँव में बहुत ज्यादा रेंगा (बेर) के पेड़ हुआ करते थे जिसको काटकर यह गाँव बसाया गया है उसी के कारण उनके गाँव का नाम रेंगावाही पड़ा | उनको यह जानकारी उनके दादी दादा के माध्यम से पता चला ऐसा वे बता रहे है|
Posted on: Sep 06, 2018. Tags: CG GANDURAM DHURVA GONDI KANKER KOELIBEDA
अले जाति भाति पोरी येलो ले...गोंडी गीत
ग्राम-उलिया, तहसील-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुमित्रा तिमा गोंडी गीत सुना रही है:
रेला रेला रेला रे रे रेला रे रे ला-
सले रेला रे रे रेला – अले जाति भाति पोरी येलो ले-
कुवे ले ले ले कुवे ले-
सले ले ले ले कुवे ले अले – जाति बाति पोरी येलो ले-
कुवे ले ले ले कुवे ले-
ताना ओना जोड़ी येलो ले...
Posted on: Sep 05, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA SONG SUMITRA TEEMA
हमारे गाँव में रोड नहीं है, रास्ते में कीचड़ होने से आने जाने में बहुत दिक्कत होती है, कृपया मदद करे
ग्राम-भुरभुसी, पंचायत-जबेली, पोस्ट-तेकामेटा, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सत्तुराम यादव बता रहे हैं कि उनके गाँव में 350 की जनसंख्या है, रोड नही है जिससे लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, अधिकतर उन्हें बरसात के दिनों में रास्ते में अधिक कीचड़ होने से असुविधा होती है| अधिक स्वास्थ्य खराब होने से मरीज को चारपाई से आधे रास्ते तक ले जाने के बाद हास्पिटल की गाड़ी के द्वारा चिकित्सा केन्द्र तक पहुंचाया जाता है, कई मरीज रास्ते में ही अपना दम तोड़ चुके हैं, इसके लिए उन्होंने कई बार समबन्धित अधिकारीयों को लिखित आवेदन दिए हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नही हुआ: कलेक्टर@9425263044, CEO@7646807645. संपर्क@6267298776.

