भजन : अरे तेरों कहा लगों है बाण बता दे लक्ष्मण भईया...
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विनीत कुमार यादव एक रामायण गीत सुना रहें है:
अरे तेरों कहा लगों है बाण बता दो लक्ष्मण भईया-
तेरों भाई रो रहों है तू कैसों सोयें रहों है-
अपने मुख से कटोही बोले बता दो लक्ष्मण भईया-
अरे तेरों कहा लगों है बाण बता दे लक्ष्मण भईया...
Posted on: Nov 16, 2019. Tags: REWA MP SONG VICTIMS REGISTER VINIT KUMAR YADAV
बघेली कविता : एक बिना हम चले जात रहीं, संग में पकड़े ढर्रा...
तहसील-सिरमोर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रमेश प्रसाद यादव एक बघेली कविता सुना रहे है. जिसका शिर्षक “आवारा नाती” है:-
एक बिना हम चले जात रहीं, संग में पकड़े ढर्रा-
रही प्यासी ख़ूब दुपहरी, घाम जेठ के कर्रा-
दो नीं से गोहराई ना हमखा, बढ़ गईयाँ बैसाखि-
बैठ रहे चौरा में अपने, पणवत चैन तम्बाखू-
वहीं से बैठे-बैठे, ओखर नाती धूल उड़ावे-
बंद करिन अखबार पढ़ो, लागी वो नाती को हाल सुनावे...
Posted on: Nov 14, 2019. Tags: RAMESH PARSAD YADAV REWA MP SONG VICTIMS REGISTER
देशभक्ति गीत : हिन्दू के लिए ना मुसलमान के लिए....
ग्राम परवी, तहसील सिरमौर, जिला रीवा (मध्यप्रदेश) से सपना यादव एक देशभक्ति गीत सुना रही है:
हिन्दू के लिए ना मुसलमान के लिए-
जीना है तो जियें हिन्दुस्तान के लियें-
आप के मत भेद हानी जीने नही देगें-
हिन्दू के लिए ना मुसलमान के लिए-
जीना है तो जियें हिन्दुस्तान के लियें-
जाति पाती आयें हमें झगड़ें मिटायें-
जीना है तो जियें हिन्दुस्तान के लियें....
Posted on: Nov 14, 2019. Tags: REWA| MP SAPNA YADAV SONG VICTIMS REGISTER
राशन दुकान का सराहनीय कार्य, वितरण प्रणाली न्याय संगत...
ग्राम-बोरंड, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से हेमंत कुमार यादव जो कि बता रहे है| कि गाँव की राशन दूकान पर अनाज मिलता है. दुकान संचालक हेमंत कुमार यादव, बता रहे है. गाँव में 336 परिवार ग़रीबी रेखा से निचे जीवन यापन करने वाले है| अभी जो राशनकार्ड है, उनको लाभ दिया जाता है| बाकि लोंगों को राशन प्रणाली के हिसाब से दिया जायेगा. अभी पंचायत से बहार से आये लोंगों को राशन का लाभ दिया जाता है, जो कि गाँव से 25 किलोमीटर से ज्यादा है, यह कार्य बहुत ही सराहनीय है. जो हर राशन दुकान पर इस प्रकार का कार्य होना चाहिए. आभार के साथ धन्यवाद...
Posted on: Nov 14, 2019. Tags: MOHAN YADAV NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
पहले यहाँ शेर बहुत हुआ करते थे, जिसके चलते गाँव का नाम "बाघडोंगरी" हो गया...
ग्राम-बाघडोंगरी, जिला-नारायपुर (छत्तीसगढ़) से मंगलराम पोटाई जो कि बाघडोंगरी पंचायत के सरपंच है, साथ है चैनसिंह पोटाई जो कि गाँव के बारे में जानकारी दे रहे है. बता रहे है कि गाँव नाम बाघडोंगरी कैसे पड़ा, पहले यहाँ पहाड़ जंगल बहुत हुआ करता था, तो यहाँ शेर भी बहुत रहते थे, जिसको की बाघ भी कहते है. डोंगर मतलब पहाड़ जंगल हो गया जिसके चलते गाँव का नाम बाघडोंगरी पड़ गया, पहाड़ के उस पार दूसरा गाँव है, फूलकोडो है. गोंडी ‘फूलकोडो’ अर्थ फूलोँ का बगीचा होता है. बाघडोंगरी को दोनों नाम से जाना जाता है. गोंडी में फूलकोडो के नाम से भी जाना जाता है. प्रकृति से जुड़े रहने के कारण पहले रहने वाले लोगों के द्वारा ज्यादातर गाँवो के नाम ऐसे ही पड़ते थे.
