जगा मजदूर भाई जगा हो किसनवा...जागरूकता गीत
जिला-बोकारो (झारखण्ड) से नरेश महतो एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं:
जगा मजदूर भाई जगा हो किसनवा-
चला सीनवा के तान चाहे होजा कुर्बान-
भारत देशवा में, देशवा में-
जगा मजदूर भाई जगा...
शोषण जुल्म तुम कब सहोगे-
मजदूर और किसान हो-
भूखे नंगे कब तक मरोगे-
मेहनतकस इंसान हो-
तिरवा में बाँधीला हो हमनी कफ़नवा-
जगा मजदुर भाई जगा...
Posted on: Jun 14, 2017. Tags: NARESH MAHTO SONG VICTIMS REGISTER
सह सह के काबर मर बोगा, एखर ला बने लड़ाई हे...छत्तीसगढी संघर्ष गीत -
नरेश बुनकर जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से एक छत्तीसगढी संघर्ष गीत सुना रहे है जो साथियों को अपनी समस्याओं को हल करने के लिए चुपचाप सहने की बजाय संघर्ष करने के लिए प्रेरित कर रहा है :
सह सह के का बर मर बोगा, एखर ला बने लड़ाई हे-
एक सुन्था के रस्ते मा चलबो, तभी तो हमर भलाई हे-
कतको मेहनत करथन तबले, नही पावन हम सुख ला गा-
भूख दरिद्री बढ़त हवेव, कैसे झेले दुःख ला गा-
सुन्ता के सरग्नी, सैनी में चढबो, तभी तो हमर भलाई हो...
Posted on: Jun 07, 2017. Tags: NARESH BUNKAR SONG VICTIMS REGISTER
मन में तोरा बड़ा देव, जप ले जय सेवा रे...गोंडवाना सेवा गीत -
ग्राम-टांकी, पोस्ट-मलगा, तहसील-कोतमा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से नरेश सिंह एक गोंडवाना सेवा गीत सुना रहे है :
मन में तोरा बड़ा देव, जप ले जय सेवा रे-
जब जब देख ले से, सेवा में मेवा है-
जय सेवा मन्त्र ले तन मन जागे-
दुख दर्द में टोना जादू छोड़ भागे-
निति नियम रे निति मेवा रे, मन तोर बड़ा देव है-
जप ले जय सेवा रे, तन में तोरा बड़ा देव है-
जप ले जप ले, सेवा में मेवा रे-
मेहनत करके मीठा फल खावे,
भगवन के चक्कर में भूखा मर जावे रे...
Posted on: May 29, 2017. Tags: NARESH SINGH SONG VICTIMS REGISTER
जगत-जगत जगत गा, बावन गढ़ गढ़ी निहारु रे जगत...गोंडवाना गीत
ग्राम-टांकी, पोस्ट-मलगा, तहसील-कोतमा, जिला-अनूपपुर (छत्तीसगढ़) नरेश सिंह एक गोंडवाना गीत सुना रहे है :
जगत-जगत जगत गा, बावन गढ़ गढ़ी निहारु रे जगत-
टंगिया वाले टंगिया ला धर के, खांदा में ओहदे पजावा-
तनही वाले खनगिल धर के, तीर ला उदय लगावा-
ग़ाव न ग़ाव घर दुरा दुरा, माँ जय बड़ा देव पावा-
छोटे बड़े लड़के सयान-
जय-जय शिवा बुलावा ते जय जय शिवा बुलावा ते...
Posted on: May 17, 2017. Tags: NARESH SINGH SONG VICTIMS REGISTER
ये खवाहूँ रे बड़ादेव दोना-दोना महुआ लाटा...पारंपरिक गीत
ग्राम-टांकी, पोस्ट-मलगा, तहसील-कोतमा, जिला-अनूपपुर (म.प्र.) से नरेश सिंह छत्तीसगढ़ी भाषा में एक पारम्परिक गीत सुना रहे हैं :
ये खवाहूँ रे बड़ा देव दोना-दोना महुआ लाटा-
भक्ति मोर ले-ले शक्ति तोर दे-दे हाथों मैंहौं छाटा-
मादर,टिमकी,गोदमा बड़ादेव नगारा बजाहौं – झुमर-झुमर,उचट-उचट बड़ादेव नाचा दिखाहौं-
दिखाऊ रे बड़ादेव कोया कोय्तूरण के नाचा-
सुआ,करमा,ददरिया बड़ादेव रीना सुनाहौं-
सरसेट्टी,लहकी,उचट्टा बड़ादेव में गाना सुनाहौं – कोया मुरीद में बड़ादेव नावला जगा दे मोर-
ज्ञान-बुद्धि के पिटारा ले बड़ादेव मन्त्र ला दे-दे तोर-
ये बनाहूँ रे बड़ादेव कोया कोयांतूरण के गाथा-
ये खवाहूँ रे बड़ादेव दोना-दोना महुआ लाटा...
