चूहा और बिल्ली की कहानी...

जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अनिश साहू कहानी सुना रहे हैं, एक बिल्ली थी, और एक चूहा था, मालिक ने बिल्ली के गले में घंटी बांध दिया था. जब भी बिल्ली चूहे को पकड़ने बिल के पास जाती थी, बिल्ली की गले की घंटी बजती थी. घंटी की आवाज सुनकर चूहा बिल में घुस जाता था और बिल्ली चूहा पकड़ने में असफल होती थी फिर बिल्ली मालिक के पास घंटी को निकालने के लिए गयी घंटी निकाल देने के बाद बिल्ली चूहा पकड़ने में सफल हुयी|

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: ANISH SAHU CG KABIRDHAM STORY

वनांचल स्वर: घटते जंगल बढ़ती परेशानियां...

ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नारायण सिंह साहू बताते हैं कि उनके गांव में आए दिन भालू आ जाते हैं। अभी तक जान-माल का कोई नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन भालू अक्सर गन्ने और सब्जी की फसल को खराब कर देते हैं। ग्रामीण कभी भी भालुओं को नुक्सान नहीं पहुँचाते। जंगल कम होने की वजह से वहां फल-सब्जी नहीं मिलता जिस वजह से भालू गांव में भोजन की तलाश में आ जातें हैं। हम लोगो ने गांव में एक वन समिति बनाई है, जो ग्रामीणों को वन के पेड़ों की कटाई करने से रोकते हैं। हमारे गांव में अब जंगल नहीं है बस कुछ झाड़ियां ही बची हैं। संपर्क@9424182008. (RM)

Posted on: Feb 27, 2021. Tags: CG KANKER NARAYANSINGH SAHU VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: घटते जंगल बढ़ती परेशानियां...

ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नारायण सिंह साहू बताते हैं कि उनके गांव में आए दिन भालू आ जाते हैं। अभी तक जान-माल का कोई नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन भालू अक्सर गन्ने और सब्जी की फसल को खराब कर देते हैं। ग्रामीण कभी भी भालुओं को नुक्सान नहीं पहुँचाते। जंगल कम होने की वजह से वहां फल-सब्जी नहीं मिलता जिस वजह से भालू गांव में भोजन की तलाश में आ जातें हैं। हम लोगो ने गांव में एक वन समिति बनाई है, जो ग्रामीणों को वन के पेड़ों की कटाई करने से रोकते हैं। हमारे गांव में अब जंगल नहीं है बस कुछ झाड़ियां ही बची हैं । संपर्क – 9424182008 (RM)

Posted on: Feb 25, 2021. Tags: CG KANKER NARAYANSINGH SAHU VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर:वनवासी और उनके देवता

ग्राम-धनेली कनार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) व्यास साहू बताते हैं कि बस्तर आदिवासी क्षेत्र में वनवासी वनों की रक्षा करते हैं| वनवासी मूर्ती पूजा नहीं करते बल्कि वो जंगल से मिलने वाली लकड़ी से झूलानुमा ढांचा तैयार करके उसी की पूजा करते हैं| वनवासीयों की मौसमी जिंदगी वन उपज पर ही आधरित है| आदिवासी भाई वनों के बिना अधुरे हैं| समिति का कार्य वनों की रक्षा करना है| समिति अधिकारीयों के साथ बैठकर उनसे बातचीत करके नियम बनाती हैं| जनसँख्या बढ़ने के कारण वन के पेड़ो की कटाई करनी पड़ती है, पेड़ काटने से बचने क लिए बंजर जमीनों पर लोगों को बसाया जा रहा है| आदिवासी भाई महुआ से प्राप्त होने वाले रस को देवी देवताओं को चढ़ाकर त्यौहार मनाते हैं| बरसात कम होने की स्तिथि में शीतला माता कि पूजा करते हैं| बुढ़ा देव को वनवासी पूजते हैं| वनवासी प्राकृति की पूजा करते हैं| मेहमान आने पर वो उसको महुआ का रस पिने के लिये देते हैं| वन कानूनों के बारें में लोगो को जानकारी हो इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं| बाहरी ठेकेदारों पर कारवाई की जा रही हैं| वनवासी महुआ का फल, रस और अन्य वन्य उपज बेचकर अपना गुजारा करते हैं| वृक्षरोपण कार्यकर्मो को बढ़ाया जा रहा हैं|(RM)

Posted on: Feb 11, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VYAS SAHU

वनांचल स्वर: आने वाली पीढ़ी के लिए वन बचाते वनवासी...

ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से तुलसी राम साहू जी बताते हैं कि जंगल खत्म हो रहा है, अब जंगल में कुछ नहीं हैं। बाहरी ठेकेदारों ने आकर यहां के पेड़ काट डाले। यहाँ से मिलने वाले उपज घरों में ही इस्तेमाल हो पाते हैं, बेचने के लिए कुछ नही बचता। वैन समिति प्रयासरत है जिसकी वजह से अभी पेड़ो कि कटाई पर रुकावट है। गांव वाले भी अब समझते हैं। जंगल में लगने वाली आग को पानी दारा से बुझाते हैं। भालू भी गांव में आते रहते हैं, लेकिन किसी को कोई नुकसान नही पहुंचाते।
संपर्क:- 7724900502(RM)

Posted on: Feb 06, 2021. Tags: CG KANKER TULSI SAHU VANANCHAL SWARA

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