ऐ सजन साजन ये साजन, सजन गो साजन...सादरी कर्मा किसानी गीत-
ग्राम-कुडकेल, पोस्ट-टोंगो, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से सरोज उरांव सादरी भाषा में एक गीत के माध्यम से बता रही हैं कि बारिश के महीने में पति परदेश जा रहा है, जिससे खेती करने के लिए महिला अकेली पड रही है :
ऐ सजन साजन ये साजन, सजन गो साजन-
ये साजन असरे सवने माझे-
गिड के बदरी गो साजन-
पिया परदेशी के खेती करी-
ये साजन असरे सवने माझे-
ये साजन ये साजन गोई साजन...
Posted on: Jul 29, 2018. Tags: SAPNA WATTI SAROJ ORAON SONG VICTIMS REGISTER
गड़ा तांगे रितिका णमबर चा,गड़ा तांगे रितिका णमबर चा जाबो वदा करे नम करे...कुडुक कर्मा गीत
ग्राम-किरकोटोली, पोस्ट-बेंदोरा, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से यसोदा और रीना तिर्की कुडुक भाषा में एक कर्मा गीत सुना रहे हैं:
गड़ा तांगे रितिका णमबर चा-
गड़ा तांगे रितिका णमबर चा जाबो वदा करे नम करे-
माता-माते नुकिया यकेणानुनू नुकिया पुजना न सेवा-
यकेणानुनू नुकिया पुजना न...
Posted on: Jul 29, 2018. Tags: SAPNA WATTI SONG VICTIMS REGISTER
दिल से मरियम प्यारी है ओ हमारी माता हैं...भजन गीत
ग्राम-रामपुर, पोस्ट, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से अनामिका खल्खो, और हमिया प्रीती खल्खो एक भक्ति गीत सुना रहे हैं :
दिल से मरियम प्यारी है, ओ हमारी माता हैं-
जब हम पाप में डूबे थे, माँ का प्यार खीच लिया-
उसके नाम की जय-जयकार, ओ हमारी माता हैं-
दिल से मरियम प्यारी है, ओ हमारी माता हैं-
जब हम पाप में डूबे थे माँ का प्यार खीच लिया-
उसके नाम की जय-जयकार, ओ हमारी माता है...
Posted on: Jul 28, 2018. Tags: SAPNA WATTI SONG VICTIMS REGISTER
मन करसी वन्तान मन करसी वन्तान...गोंडी गीत
ग्राम पंचायत-मेढ़ो, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़ ) से संतोषी गावडे और शांति वट्टी एक गोंडी गीत सुना रहे है, इस गीत को जब लड़का लड़की को चूड़ियाँ पहनाता है तब गाया जाता है:
रीलो यो रीलो रीलो रीलो रीलो यो-
रीलो यो रीलो रीलो रीलो रीलो यो-
मन करसी वन्तान मन करसी वन्तान-
रीलो यो रीलो रीलो रीलो रीलो यो-
बारगा बारगा ततान बारगा बारगा ततान...
Posted on: Jul 27, 2018. Tags: GONDI SONG KANKER SANTOSHI GAWDE SHANTI WATTI
हमारे गाँव का नाम सालेभाट कैसे पड़ा : एक गाँव की कहानी-
ग्राम पंचायत-सालेभाट, तहसील-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के अंकित पडवार के साथ में आज सुखराम वट्टी (गाँव के पटेल) हैं जो उनको बता रहे है कि उनके गाँव का नाम सालेभाट कैसे पडा: ग्राम सालेभाट जो वनांचल के नजदीक प्रकृति की गोद में बसा एक ख़ूबसूरत गाँव है, जहाँ लगभग 900 लोग निवास करते हैं क्योंकि उनके गाँव में पहले के ज़माने से लेकर अभी तक साल के बहुत पेड है जिससे दरवाजे, टेबल, कुर्सी आदि बनाये जाते है. यह पेड़ यहां अधिक मात्रा में होता है, इसलिए उनके गाँव का नाम सालेभाट पड़ा |


