कभी प्यासे को पानी पिलाया नही...गीत-
ग्राम-पडौली, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से परमेश्वर मरावी एक गीत सुना रहे हैं:
कभी प्यासे को पानी पिलाया नही-
बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा-
मैंने मंदिर गया पूजा आरती की-
पूजा करते हुये ये ख्याल आ गया-
कभी माँ बाप का सेवा की ही नही-
फिर पूजा करवाने से क्या फायदा-
कभी प्यासे को पानी पिलाया नही...
Posted on: Mar 27, 2020. Tags: CG PARMESHVAR MARAVI SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER
हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करे...गीत-
ग्राम पंचायत-बमलया, पोस्ट-देवगढ़, थाना-सीतापुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से विष्णू टोप्पो एक गीत सुना रहे हैं:
हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करे-
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करे-
भेदभाव अपने दिल से साफ़ कर सके-
दोस्तों से भूल हो तो माफ़ कर सके-
झूठ से बचे रहे, सच का दम भरे-
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करे-
मुश्किलें पड़े तो हम पे इतना कर्म कर…
Posted on: Mar 23, 2020. Tags: CG SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER VISHNU TOPPO
वृद्धावस्था के लिये आवेदन देते है लेकिन सुनवाई नहीं होती...
भण्डार पारा, ग्राम-फलौनी, तहसील-भवरपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से रामेश्वर राम मरावी बता रहे हैं कि उनके पिता रामजीत मरावी को वृद्धावस्था पेंशन मिलना अप्रैल 2018 में बंद हो चुका है, कभी पेंशन मिलता है तो आधा दिया जाता है, उन्होंने इसके लिये गाँव के सरपंच सचिव के पास आवेदन किया लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें : सरपंच@9753373998, सचिव@7999796088. संपर्क नंबर@8959778358.
Posted on: Mar 21, 2020. Tags: CG PROBLEM RAMESHWAR MARAVI SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER
रामे में राम बसे रामे में रम कोला...भजन-
ग्राम कोटिया, विकासखण्ड प्रतापपुर, जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़) भजन सुना रहा है:
रामे में राम बसे रामे में रम कोला-
देवी झरिया ढाक छूते अमारिया कोला-
रामे में राम बसे रामे में रम कोला-
राम बा रामायण के हे-
लक्ष्णण नम बा पत्रता-
सीता माई बा लुगरा ले हे फुल ले हे पतत्रा-
रामे में राम बसे रामे में रम कोला...
Posted on: Sep 05, 2019. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER
मधुबन में राधिका नाचे रे...गीत-
ग्राम-पर्री, तहसील-लखनपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से संदीप दास महंत एक गीत सुना रहे हैं :
मधुबन में राधिका नाचे रे-
गिरधर की मुरलिया बाजे रे-
पग में घुँघर बाँध के, घुँघटा मुख पर डाल के-
नैनन में कजरा लगा के रे-
डोलत छम-छम कामिनी, चमकत जैसे दामिनी
चंचल प्यारी छब लागे रे...
