अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों...गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं:
कर चले हम फ़िदा जाने तन साथियों-
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों-
संविधान बनाया हमारे लिये-
उसको तोड़ा मरोड़ा जिसने लिये-
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों... (AR)

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG

कोल ब्लाक के लिये गाँव के निवासीयों और आदिवासी किसानो पर बनाया जा रहा है दबाव...

ग्राम पंचायत-गरेटोला, ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता
और गाँव के सरपंच गाँव की समस्या के बारे मे बता रहे हैं| राधेश्याम पैकरा जो गाँव के सरपंच हैं, उनका कहना है उनके इलाके मे कोल माइंस के लिये कोल ब्लाक बनाकर कंपनी को देने के लिये समर्थन की मांग अधिकारियों द्वारा की जा रही है| उनका कहना है कि वे अपने इलाके मे माइंस नहीं चाहते हैं| गाँव को बर्बाद नहीं होने देना चाहते हैं इसलिये उन्होने अधिकारियों को इस प्रस्ताव पर सहमती देने से माना कर दिया है| गाँव के लोगो पर दबाव बनाया जा रहा हैं| गाँव के लोगो की जमीने ले ली गयी है और उन्हे मुववजा नहीं दिया गया है| इससे किसान प्रभावित हैं| वे सीजिनेट के साथियो से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरो पर संपर्क इस समस्या का निराकरन कराने मे मदद करें: विधायक@9152222228, SDM@9425584600. मुख्यमंत्री@9425236666. सरपंच@9303675214. (186055) (AR)

Posted on: Mar 08, 2021. Tags: CG PROBLEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA

जाने वालो जरा मुड़ के देखो मुझे...गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं:
जाने वालो जरा मुड़ के देखो मुझे-
मै भी इंसान हूँ मै तुम्हारी तरह-
मन के अंदर छुपाय मिलन की लगन-
है विधाता के हांथो की बिछड़ी किरन-
फिर रहा हूँ भटकता मै यहां से वहां-
इतना हैरान हूँ तुम्हारी तरह...

Posted on: Mar 08, 2021. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG

कागज के ये नोट है बाबू...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक कविता सुना रहे हैं:
कागज के ये नोट है बाबू कागज के नोट-
कागज की है माया इनकी-
नियत में है खोट बाबू-
चले गाँव की ओर-
साचे के ये रंग अनेक-
जैसी करनी वैसी भरनी चले शहर की ओर... (AR)

Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG POEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA

मोर टोपी सिंघईया कहां गये...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता अपने वैवाहिक जीवन के 33 वी वर्षगांठ पर एक कविता सुना रहे हैं:
मोर टोपी सिंघईया कहां गये-
मोर भाषण देवईया कहां गये-
11 लाख रूपया के मोटर मा चढ़ के-
गरीबी हटईया कहां गये-
मोर बैरी ला खोजत हवो-
मोर दुश्मन ला खोजत हवो... (AR)

Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG POEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA

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