इस भरी दुनिया में कोई भी हमारा न हुआ...गीत-

जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से पुष्पकार भारती एक गीत सुना रहे है:
इस भरी दुनिया में कोई भी हमारा न हुआ-
गैर तो गैर थे अपनों का सहारा न हुआ-
असमा कितने सितारे तेरे महफ़िल में-
ये तकदीर का कोई भी सितारा न हुआ-
एक मोहब्बत के शिवा और न कुछ माँगा था-
इस भरी दुनिया में कोई भी हमारा न हुआ...(AR)

Posted on: Jun 02, 2021. Tags: CG PUSHPKAR BHARTI RAIGARH SONG

जेठ के महिना मा कैसन तरस खाबे आम...छत्तीसगढ़ी कविता-

ग्राम-तमनार , जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
पंखा धुंका थे बाबा कही ये का होगे राम-
जेठ के महिना मा कैसन तरस खाबे आम-
तरे माजनिया ला देखो नीचत बेमयाय हे-
अंगत के पांव जैसन घलो उबजाये हे-
का बताओं ओकरे बजत हबे डंका-
अइसन लगा थे अइसन लेसाबा थे लंका...(AR)

Posted on: Jun 01, 2021. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

टूट जाती है चट्टान हाँथोड़े की मार से...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
टूट जाती है चट्टान हाँथोड़े की मार से-
कट जाती है वृक्ष कुल्हाड़ी की वार से-
जम जाती हैं नदियाँ पानी की धार से-
झुक जाती हैं डालियाँ कोड़ो की भार से-
मिट जाती है तन महामारी बीमार से...(AR)

Posted on: May 30, 2021. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

जागो मोहन प्यारे संवारी सूरत मोरी मन भावे...भैरव राग-

ग्राम-गोरबहरी , जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से त्रिलोकी सिदार एक भैरव राग सुना रहे हैं:
जागो मोहन प्यारे संवारी सूरत मोरी मन भावे-
सुंदर लाल हमारे जागो मोहन प्यारे-
रात समय उठी भानू उदय भय-
ग्वाल बाल सब भूपते ठाढ़े-
दर्शन के सब भूखे प्यासे-
उठियो नंदकिशोरे जागो मोहन प्यारे...(AR)

Posted on: May 28, 2021. Tags: CG RAIGARH SONG TRILOKI SIDAR

दूर है किनारा गहरी नदी की धारा...गीत

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं:
दूर है किनारा गहरी नदी की धारा-
कैसे जाओं रे नईयां कैसे जाओं रे-
आया है पहाडा नईयां कैसे जाओं रे-
दूर है किनारा गहरी नदी की धारा...(AR)

Posted on: May 26, 2021. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG

« View Newer Reports

View Older Reports »