पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलियों के डर से गांव छोड़ना पड़ा...
राजूराम वड्डे, पिता लालूराम, ग्राम पंचायत-लेचूम, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं, नक्सलियों लोग उनको परेशान करते थे। नारायणपुर जाते हों पुलिस वालों को हमारा खबर देते हो कर के उनको गांव से नक्सलियों ने भगा दिए। फिर वे लोग नक्सलियों के डर से भाग कर शांतिनगर नारायणपुर में रह रहे हैं, और मजदूरी कर के अपना जीवन यापन कर रहे हैं, और उन्हें सरकार के तरफ से कोई सहयोग राशि भी नहीं मिला है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@7647933079.
Posted on: Mar 29, 2022. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR RAJURAM WADDE VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलियों मुखबिर घोषित कर के गांव से भगा दिए...
संतुराम वरदा पिता दोबा ग्राम-आलबेड़ा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं, गांव से नक्सलियों ने बाजार जाते हैं| मुखबिर घोषित कर के गांव से भगा दिए| फिर वे लोग डर से अपना गांव छोड़कर शांतिनगर में मजदूरी कर के रह रहे है| सरकार के तरफ से 3000 हजार मदद मिला है| वर्तमान में पुराने गांव में जाने से बहुत दिक्कत है| अधिक जानकरी के लिए संपर्क नंबर@9406077166.
Posted on: Mar 29, 2022. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: 2006 में गए थे 2011 में नारायणपुर आके आत्मसमर्पण किए...
बज्जूराम कचलाम ग्राम पंचायत-करमरी, जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं उनका पुराना गांव गोटाबेनूर जिला नारायणपुर पहले नक्सली संगठन में काम करते थे उन्होंने 1 साल नक्सलियों के साथ बिताए 2006 में गए थे 2011 में नारायणपुर आके आत्मसमर्पण किए। पहले ही उनके माता पिता को नक्सलियों से गांव से भागा दिए थे। चर्च जाते थे पहले चर्च के कारण उन्हें आना पड़ा। उनके माता पिता नारायणपुर हैं कर के फिर फिर नक्सली संगठन से वापस आ गए।
Posted on: Mar 21, 2022. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: अपना गांव छोड़कर 2011 में गुड़रीपारा नारायणपुर में रह रहे हैं
ग्राम पंचायत कैसपुर, जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से निगुरलाल सलाम बता रहे हैं उनके गांव में नक्सलियों ने ज्यादा परेशान करते थे। उनका बात नहीं मानने से मारने की धमकी देते थे। संगठन में काम करने बोलते थे। फिर उन्होंने अपना गांव छोड़कर 2011 में गुड़रीपारा नारायणपुर में रह रहे हैं। उनके बड़े भाई पुराने गांव में ही रहते हैं और खेती बाड़ी का काम करते हैं। कभी कभी आना जाना करते हैं अभी उतना कोई दिक्कत नहीं है। नारायणपुर में नगरपालिका में काम करते हैं। उन्हें सरकार के तरफ से कोई उन्हें सहयोग नहीं मिला है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@7587755922.
Posted on: Mar 20, 2022. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सली संगठन में काम करते थे, कुछ परेशानी के कारण आत्मसमर्पण किया...
ग्राम-गुडरीपारा नारायणपुर बस्तर (छत्तीसगढ़) से लछिम पोयाम जी बता रहे है ये पहले नक्सली संगठन में शामिल थे और कहीं वर्षों तक काम किया| इन्होंने नक्सलियों के साथ काम करते हुए ठीक नहीं लगा इस कारण से से इन्होंने कमेटी के सदस्यों से इजाजत लेकर घर वापस आ गए| आने के बाद पुलिस वालों ने इन्हे पूछताछ के लिए ले गए और बाद में इन्होंने खुद को आत्मसमर्पण किया|इनके नाम पर सहायता राशि के रूप में 8 लाख रुपये दिए जाने थे किन्तु 2 लाख रुपये ही मिले|इनको सरकारी सहायता के रूप में डीआरजी का पद मिला है|इनका आगे कहना है नक्सली और सरकार के बीच शांति वार्ता होन चाहिए परंतु नक्सलियों की सोच अलग है|अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@8103229853.
