बरसो रे रे रे पानी कारे बदरिया...वर्षा गीत
अंकित पडवार के साथ जुड़े है उर्मिला, दिव्यानी मिंज और अनिल लकड़ा ग्राम-टोंगो, प्रखंड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से जो एक वर्षा गीत सुना रहे है:
बरसो रे रे रे पानी कारे बदरिया-
बरसो रे रे रे पानी कारे बदरिया-
बरसो रे रे रे पानी कारे बदरिया...
Posted on: Jul 08, 2018. Tags: ANIL LAKDA DIVYANI MINZ SONG URMILA VICTIMS REGISTER
ये भगवान तुझे प्रणाम तुझे प्रणाम...गीत -
ग्राम-कोटेला, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से दिव्या भारती एक गीत सुना रही है:
ये भगवान तुझे प्रणाम तुझे प्रणाम-
सबको करते है नमस्ते-
हँसते-हँसते सबको-
फूलो से हम हसना सीखे-
सबको करते टाये-टाये...
Posted on: Jan 19, 2018. Tags: DIVYA BHARTI SONG VICTIMS REGISTER
देखो अपना देश न्यारा, सबको लगता बहुत प्यारा...देशभक्ति कविता
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दिव्यांशु सिंह एक देशभक्ति कविता सुना रहे हैं :
देखो अपना देश न्यारा, सबको लगता बहुत प्यारा-
उत्तर में हिमालय की धारा,दक्षिण में सागर-
पूरब की छटा न्यारी पश्चिम बनी खुशहाली...
Posted on: Feb 25, 2017. Tags: DIVYANSHU SINGH SONG VICTIMS REGISTER
कौआ और चालाक लोमड़ी की कहानी...
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दिव्यांशु सिंह कौआ और लोमड़ी की कहानी सुना रहे है वे राजहंस स्कूल में यूकेजी के छात्र हैं: जंगल में एक आम का पेड था उसमे एक कौआ बैठा था, उसके चोंच में एक रोटी का टुकड़ा था. कौआ जैसे ही रोटी खाने वाला था कि वहां एक लोमड़ी पेड़ के नीचे आ गई और बोली कौवे भाई-कौवे भाई सुना है कि आप बहुत अच्छा गाते हो तो उन्होंने कहा हाँ तो मुझे भी गा के दिखाओ तो कौआ खुश हो गया और जैसे ही उसने गाने के लिए अपना मुंह खोला वैसे ही रोटी झट से नीचे गिर गयी और लोमड़ी उसे उठाकर चली गई और कौआ कावं-कावं करता रह गया | ये थी कौआ और लोमड़ी की कहानी, आप को कैसी लगी बताइयेगा। दिव्यांशु सिंह@9993866808
Posted on: Jan 22, 2017. Tags: DIVYANSHU SINGH SONG VICTIMS REGISTER
डालखाई रे डालखाई रे, आमोर कोलाहांडी बोड़े सुन्दरो...ओडिया गीत
दिलीप बेहरा सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के दौरान ओडिशा के कालाहांडी जिले के भवानीपटना पहुंचे हैं, जहां कालाहांडी उत्सव चल रहा है. डालखाई ,पुष्पुनी और नोवाखाई जैसे पर्व कालाहांडी में मनाए जाते हैं. इसी सन्दर्भ में साथी दिव्या कुमार एक ओडिया गीत प्रस्तुत कर रही हैं :
डालखाई रे डालखाई रे – आमोर कोलाहांडी बोड़े सुन्दरो – आमोर कोलाहांड़ी बोड़े सुन्दर हो – आमोर...
असा सागर थानू जेना खाल्के – जेला का हाल लेका सेया मोर मारे – पूजा पावती सी बरसो की थोरे – छतोर टेकी कोरी धनो रे – गाहारो रानी पाले पोरो नी – सेमाड़ेश्वरी ता डालखाई रे – डालखाई रे डालखाई रे...
आमोर नोवाखाई आरो पुस्पोनी – आमोर नोवाखाई आरो पुस्पोनी ही – आमोर नोवा...
छेर-छेरा मागी जे मागा नोनी – नोवाखाए देन नोवाखाए मा – बोवा बोड़ी मनके जोहारो हे माँ – भायेजी ताके नोनी गा – उपासो हे माँ मंगल माँ के पूजा करे माता – डालखाई रे...
आमोर डालखाई रोसोरोकेली – आमोर डालखाई रोसोरोकेली – आमोर डालखाई...
जाई फुलो जामुन डालीं मोली नि आली – भूर बो जाती घूमें ई जे मा – देहा बेले नोनिर दूल्हा नो चामा – ढगबुढो का धरे कोरे नोनी गा – कोलाहांड़ी रामे बाना उड़ा माँ ना रखे माता – डालखाई रे...

