शिव समान दाता नहीं विपत विदारन हार...दोहा-
ग्राम पंचायत-चाँदरानी, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार संत देवी भाई रमेश सिंह से एक गीत सुनवा रहे हैं :
शिव समान दाता नहीं विपत विदारन हार-
लज्जा जिनकी रखियो राखिययो बरदा के असवार-
ओम सिद्धेश्वर धाम की है महिमा निराला-
कैलास वाले ने जब डेरा डाला...
Posted on: Jun 15, 2020. Tags: DINDORI MP SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
चन्दन है इस देश की माटी...युग निर्माण गीत-
चंदनपुर जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार और उनके साथ है रामबिलास वे युग निर्माण गीत सुना रहें है-
चन्दन है इस देश की माटी-
तपोभूमि हर ग्राम है-
हर बाला देवी की प्रतिमा-
बच्चा बच्चा राम है-
हर शरीर मंदिर सा पावन-
हर मानव उपकारी है-
जहाँ सिंह बन गये खिलौने-
गाय जहाँ माँ प्यारी है-
जहाँ सवेरा शंख बजाता-
लोरी गाती शाम है-
हर बाला देवी की प्रतिमा-
बच्चा बच्चा राम है-
जहाँ कर्म से भाग्य बदलता-
श्रम निष्ठा कल्याणी है-
त्याग और तप की गाथाएं-
गाती कवी की वाणी है-
ज्ञान जहाँ का गंगाजल सा-
निर्मल है अविराम है-
हर बाला देवी की प्रतिमा-
बच्चा राम है...
Posted on: Jun 14, 2020. Tags: SANTOSH KUMAR AHIRWAR DINDORI MP SONG VICTIMS REGISTER
हाय हाय भैया जीना हे जमाना मा बेकार...कोरोना गीत-
ग्राम-सरइ, पोस्ट-चंद्रानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक कोरोना से संबधित गीत सुना रहें है :
हाय हाय भैया जीना हे जमाना मा बेकार-
मोदी सरकार के जमाना मा डंडा पड़ते रे-
यह काय करेजब जनता सब भूखन मर थे-
भूखन मर थे रे भैया, भूखन मर थे राम-
पेट के खातिर बनिया मजदूरी भैया-
मजदूरी को निकले भैया मजदूरी को निकले...
Posted on: Jun 10, 2020. Tags: AHIRWAR CORONA SONG DINDORI MP KUMAR SANTOSH SONG VICTIMS REGISTER
याकुदन तूतू सारे हारे धावेरा यासू प्रभास्ता ब्रता...भक्ति गीत
ग्राम-सुन्दरपुर तहसील-समनापुर जिला-डिंडोरी मध्यप्रदेश से ओमबती यदाव एक भक्ति गीत सुना रही है:
याकुदन तूतू सारे हारे धावेरा-
यासू प्रभास्ता ब्रता-
पा वीरा वरदंड मंड शिवकरा याशु-
या ब्रम्हा सूत शंकरा प्रभावति-
देवई शदा वन्धिता..CS
Posted on: Jun 06, 2020. Tags: BHAKTI SONG OMBATI YADAV SAMNAPUR DINDORI MP SONG VICTIMS REGISTER
दिल में बसा दिलदार की चश्मों का नूर है...भजन गीत
ग्राम-स्याही, पोस्ट-चंदानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक भजन सुना रहे हैं:
दिल में बसा दिलदार की चश्मों का नूर है-
जीव को चढ़ा दिया जभी कदमो में आपके-
घर बार जाने मालिक फिर क्या जरुर है-
दिल में दिलदार की चश्मों का नूर है-
...CS
