पास नहीं है बैल भद्रा पानी दे- कविता
ग्राम- देवरी, तहसील-परतापुर, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मूल निवासी भद्रा पानी के बारे मैं एक कविता सुना रहे है:
पास नहीं है बैल भद्रा पानी दे
पास नहीं है बैल भद्रा पानी दे
ज़ालिम है तू बैल भद्रा पानी दे
इज्ज़त दार गरीब पुकारे, डोंगी मारे दूध सवारे
इज्ज़त दार गरीब पुकारे, डोंगी मारे दूध सवारे
चटक रही खा परेल भद्रा पानी दे
पास नहीं है बैल भद्रा पानी दे...
Posted on: May 16, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH MUL NIVASI POEM SONG VICTIMS REGISTER
अच्छा था कुंवारा ...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़(छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कहानी सुना रहे हैं|
वनाराशी मामा बड़ा ही कंजूश था, उसके माता पिता का निधन हो चूका था| परिवार में वो अकेला था, उसके पास एक कपडे का दुकान था| उसमे उसने एक नौकर रखा था, उससे मामा सारा काम, घर से लेकर दुकान का कराता था और खुद भी कर लेता था| एक दिन दूर गांव से उसकी मौसी आयी| मौसी को देख मन ही मन मामा बोला, ये बूढी कहा से आ गयी| फिर मौसी ने बोला, वनाराशी शादी कर ले, एक लड़की देखा है बोलो तोह बात चलाऊं| फिर लड़की के माता पिता से मिलकर लड़की पसंद किया और फिर शादी हो गयी, बच्चे हुए फिर खर्चे बढ़ गए| फिर वनाराशी सोचा, अच्छा था कुंवारा, कहा शादी करके फस गया, खर्चे बढ़ गए|
Posted on: May 16, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI SONG STORY VICTIMS REGISTER
आज ख़ुशी से उछल कूद कर रही थी खूब पढाई- कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
आज ख़ुशी से उछल कूद कर रही थी खूब पढाई
मछली के संग उसका होना था जो सजाई
करछुल झूम रहा था उसका मण को मण जो आई
हंस कर मचल उठी उसने ली अंगडाई
प्याज़ लसून देख रहे थी, उनकी हुई खूब पिटाई
मिर्च मसाला खड़े थे, उनकी खूब हुई कुटाई...
Posted on: May 15, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI POEM SONG VICTIMS REGISTER
भाई भाई का प्यार...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कहानी सुना रहे हैं| पंचवटी के स्वर्ण कुट्टी में लक्मण पर्ण कुट्टी पर बैठा हुआ सोच रहा था| 14 वर्ष का वनवास अकेला कैसे कटेगा, राम भैया और सीता भाभी अपने स्वर्ण कुट्टी में रहेंगे उनके सामने में कैसे जाऊंगा| तभी राम ने लक्मण को आवाज़ लगायी, कहा ये पर्ण कुट्टी का घास ये खिसक गया है, वर्षा कभी भी हो सकता इससे ठीक कर दो, अपना भी कुटिया देख लेना| लक्मण फिर चला गया| फिर राम सीता से कहते हैं, सीते लक्मण हमारे लिए कितना कस्ट उठा रहा है, इसको तो वनवास भी नहीं हुआ है| सीता बोली, यही तोह भाई भाई का प्यार है|...
Posted on: May 15, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
आज के ज़माने में सत्य की कथा...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कथा सुना रहे हैं| सत्य युग में सत्य चार पैरो पर खड़ा था| त्रेता युग में 3 पैरो पे खड़ा था| द्वापर युग में 2 पैरो पे आ गया| कलयुग में 1 पैर पे खरा है, जो कभी भी गिर सकता है, क्यूंकि आज लोग झुठ का सहारा ले कर चल रहे है, बात बात पे झुठ बोलना लोगो की आदत बन गयी है| सबसे बड़ा झुठा नेता होते है, जो झुठ बोलकर कुर्सी पे बैठ जाते है| पांच वर्षो तक ऐश करते है, पोजीशन बना लेते है और फिर ज़िन्दगी भर के पेंशन मिलना सुरु हो जाता है| मोबाइल के आने के बाद इसका बोल वाला ओर बढ़ गया है| पैसा का लेन-देन का मामला हो तोह ओर ज्यादा झुठ बोलते है| सब एक दुसरे से झुठ बोलते हैं|
