जोश ना ठण्डा होने पाए, क़दम मिलाकर चल, मंजिल तेरी पग चूमेंगी, आज नही तो कल...गीत

ग्राम-रिवारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी बैध भारतीय किसान यूनियन से जुड़े है, एक गीत सुना रहे है:
जोश ना ठण्डा होने पाए, क़दम मिलाकर चल-
मंजिल तेरी पग चूमेंगी, आज नही तो कल-
सबकी हिम्मत सबकी ताकत, सबकी मेहनत एक ही-
सबकी इज़ाजत, सबकी दौलत, सबकी किस्मत एक ही-
बलिदानों का ढेर लगा, इतिहास बदलता चल-
सबका मंदिर सबकी मस्जिद, गिरजा घर गुरुद्वारा-
हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई, भारत सबको प्यारा...

Posted on: Apr 05, 2018. Tags: LALJI VAIDYA SONG VICTIMS REGISTER

इंकलाब का परचम खोल आज बना ले अपना गोल...किसानी गीत

ग्राम-रीवाणी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैद्य एक किसानी गीत सुना रहे हैं :
इंकलाब का परचम खोल, आज बना ले अपना गोल-
अपनों ने ले तेरी जान, तू अपनी ताकत पहचान-
जय-जवान और जय-किसान यह नारा मिलकर बोल-
मत सह चुप रह कर अन्याय, समझना अपने को निर उपाय-
तोड़ दे बेबस की जंजीर, तू ही है देश की है तकदीर-
अपना खून पसीना तौल, मेहनत का ले पूरा मोल-
अनुदानों का लेकर नाम, घूसखोरों ने लूटा सरेआम...

Posted on: Apr 03, 2018. Tags: LALJI VAIDYA SONG VICTIMS REGISTER

जग गई नारियां सावधान, चल पड़ है क्रांति का विधान...महिला सशक्तीकरण गीत

ग्राम-रिवारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैद्य महिला सशक्तीकरण को लेकर एक गीत सुना रहे हैं :
जग गई नारियां सावधान, चल पड़ है क्रांति का विधान-
मुक्ति हमें दिलाए, समाज को कुरुतियों से-
बोलिया नही होंगी, अबे हमारे लाल की-
होलिया नही जलेगी, अबे पराये माल की-
दहेज़ के भिकारियों सावधान, फ़ासी से से अबे बहु टले न खाउंगी-
लाड़ली बहु तो, अबे जलाई ना जायेगी-
अबे बहु है बेटिया सावधान, धाव तंत्र राज तंत्र को दिशा दिखाएगी...

Posted on: Apr 01, 2018. Tags: LALJI VAIDYA SONG VICTIMS REGISTER

13 मार्च को दिल्ली में होले वाले किसान युनियन आंदोलन में शामिल होने का संदेश देते हुए कविता...

जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य 13-03-18 को जंतर मंतर में होने वाले भारतीय किसान यूनियन महापंचायत आंदोलन में किसान, मजदूर को शामिल होने कहते हुवे एक कविता सुना रहे हैं :
इंकलाब का परचम खोल आज बना ले अपना बोल-
अपनों ने ली तेरी जान तू अपनी ताकत पहचान-
जय जवान और जय किसान यह नारा मिल कर बोल-
मत सह चुप रह कर यह अन्याय समझ ना अपने को निर उपाय-
तोड़ ये सेवक की जंजीर तू ही है देश की तकदीर...

Posted on: Mar 10, 2018. Tags: LALJI VAISHYA SONG VICTIMS REGISTER

हमर कतका सुन्दर गांव जैसे लक्ष्मी जी के पांव...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-मेंडारी, पोस्ट-करमडीहा, तहसील-वाड्रफनगर, थाना-बसंतपुर,जिला-बलरामपुर, (छत्तीसगढ़) से कक्षा 6 के छात्र रामसजीवन एक कविता सुना रहे हैं :
हमर कतका सुन्दर गांव जैसे लक्ष्मी जी के पांव-
घर उज्जर लीपे पोते जेला देख हवेली रोथे-
सुघर चिकनाई भूमि है चाहे भात परोस ले गुईंया-
अंगना माँ तुलसी के घरुआ कोठा मा बैला घरुआ-
लट्ठा माँ कोल्बहरी जा बोथन साग तरकारी-
ये हा अंनपूर्णा के ठाठ...

Posted on: Feb 19, 2018. Tags: RAMSAJIWAN SONG VICTIMS REGISTER

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