ऑफिस में नौकर, घर में सयाना डोकर का बहुत बड़ा महत्व है...कविता-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक कविता सुना रहे हैं :
ऑफिस में नौकर, घर में सयाना डोकर का बहुत बड़ा महत्व है-
मित्र के दुःख में रोकर, सब्जी काटो धोकर का बहुत बड़ा महत्व है-
निद्रा में सोकर, पत्थर में ठोकर का बहुत बड़ा महत्व है-
खेती में बीज बोकर, किसानी में पाटा कोपर का बहुत बड़ा महत्व है...
Posted on: Jul 15, 2019. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
बारी मा बोयो रे मसाला तो मर टोला बारी मा रे...गीत-
ग्राम-ठेंगाटोला, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से फूल सिंग एक गीत सुना रहे हैं :
बारी मा बोयो रे मसाला तो मर टोला बारी मा रे-
हाय दाई ओ-
एक बारी बोयो राई मुरारी, दुय बारी बोयों रे मसाला-
बारी मा भये रे मसाला तो मर टोला बारी मा रे...
Posted on: Jul 15, 2019. Tags: CG KABIRDHAM PURNIMA SAHU SONG VICTIMS REGISTER
गाँव में पीने के पानी की सुविधा नहीं है, लोग नदी, तालाब का दूषित पानी पीते हैं...
ग्राम-चंदेल रामापुरम, मंडलम-भुर्गुमपाल, जिला-भद्रदी कोठागुडम (तेलंगाना) से पोडियम नरेद्र कुमार और उनके साथी बता रहे हैं| गॉंव बसे 20 साल हो चुके हैं| लेकिन आज तक गाँव में पीने के पानी की सुविधा नहीं है| लोग पानी के लिये तालाब और नदी का उपयोग करते हैं| जिसका पानी दूषित होता है| पीने योग नहीं होता, जिससे लोग बीमार पड़ते हैं| गाँव में न बोरिंग लगा है| न ही सड़क बना है| समस्या को हल कराने के लिये लोग अधिकारियों के पास आवेदन देते हैं| लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं देते, जिससे आज भी समस्या बनी हुई है| लोग परेशान है|
Posted on: Jul 15, 2019. Tags: BHADRADI KOTHAGUDAM PODIYAM NARENDRA PROBLEM RAMAPURAM TELANGANA
मनुष जनम अनमोल रे, मिट्टी में न रोल रे...भजन गीत-
जबलपुर (मध्यप्रदेश) से राजकुमार काछी अपने साथी राम कवाडे के साथ एक संगीतमय भजन सुना रहे हैं :
मनुष जनम अनमोल रे, मिट्टी में न रोल रे-
अब तो मिला है, फिर न मिलेगा-
कभी नहीं, कभी नहीं, कभी नहीं रे-
ॐ साईं नमो नम: श्री साईं नमो नम:-
तू सतसंग में जाया कर, गीत प्रभू के गाया कर-
सांझ सबेरे बैठ के बंदे ध्यान प्रभू के लगाया कर...
Posted on: Jul 14, 2019. Tags: JABALPUR MP RAJKUMAR KACHHI SONG VICTIMS REGISTER
यीशु जी के नाम ला घर-घर अमराबो...गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खलखो एक गीत सुना रही हैं :
यीशु जी के नाम ला घर-घर अमराबो-
मन ला फेर आवा संगी कहिके समझाबो-
बाग़ बलोढार नहीं गाँव-गाँव मा जाबो-
भूख प्यास डहर नहीं गाँव-गाँव मा जाबो-
यीशु जी के नाम ला घर-घर अमराबो...
