येसो करा काल में सबेहर दिसूराई...कर्मा गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा गीत सुना रहे है:
येसो करा काल में सबेहर दिसू-
सुराई म रोपा ला लगाऊं भाई रे-
मुदरी के खा काप रे मेजरी पहुंचाई-
भैया ला लगाईं धान जीवा ला बचाई-
येसो करा काल में सबेहर दिसू...
Posted on: Oct 15, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव के पांचो वार्ड में अंदर जाने को रोड नहीं है अनुरोध करने पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है.
झुर्रीपारा, ग्राम-पूरनतरई, पंचायत-उपेट, जनपद+तहसील-गीदम, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से सुखसागर सिंह पावले के साथ में जनपद सदस्य राकेश मंडावी बता रहे है कि उनके गाँव के पांचो वार्ड में अंदर जाने के लिए रोड की बहुत समस्या है | इसके लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम से भी वे कई बार आवेदन भेज चुके है | उसका सेंशन भी हो चुका है पर काम शुरू नहीं हो रहा है इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो को फ़ोन कर दबाव बनाये ताकि इनके गाँव में रोड बन सके : कलेक्टर@9179530000, अनुविभागीय अधिकारी@7587048930. अधिक जानकारी के लिए ग्राम में संपर्क नम्बर राकेश मंडावी@8120347481.
Posted on: Oct 15, 2017. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAVLE VICTIMS REGISTER
काहां जग फूले चम्पा चमेली मोर सुगा जी...सुगा गीत-
जिला-दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से सीता पटबंधी एक सुगा गीत सुना रही हैं :
काहां जग फूले चम्पा चमेली मोर सुगा जी-
काहां जग फूले गेंदा फूल राजा राम सुगा-
झरिया में फूले चम्पा चमेंली मोर सुगा जी-
बगीचा में फूले गेंदा फुल राजा राम सुगा-
कोन भईया पहिने चम्पा चमेली मोर सुगा जी-
कोन भईया पहिने गेंदा फूल राजा राम सुगा...
Posted on: Oct 14, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
मुर्गा बोला कुकड़ू कूं...बाल गीत -
एक नन्हे साथी दिव्यांशु सिंह एक बाल कविता सुना रहे हैं :
मुर्गा बोला कुकड़ू कूं-
सुबह हो गई अब सोते क्यों-
देर तलक जो सोता है वह तो बुद्धू होता है-
मुन्ना बोला नही नही-
मई हूँ बुद्धू नही नही रोज मई स्कूल जाता हूँ-
अच्छा मुन्ना कहलाता हूँ...
Posted on: Oct 14, 2017. Tags: DIWYANSHU SINGH SONG VICTIMS REGISTER
बरुक ने तोडकी पाए पारू न गेली रे...हल्बी गीत -
ग्राम-टेकनार, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से फूलमती मितानिन एक हल्बी गीत सुना रही है:
बरुक ने तोडकी पाए पारू न गेली रे-
अलकामरन झुमकामरन दोहे रे कसरू न गे-
मरुग ने टेवसा पाडे पायो न गेली-
अलकामरन झुमकामरन डिमका मरन-
बोसरले कसरू न गेली रे...
