Today's News from newspapers in Gondi: 21st Sep 2016 -
कांकेर जिले में डायरिया से एक छात्रा की मौत ,२४ बीमार-
झाबुआ जिले के ढेबरी बड़ी गांव में कच्चा मकान गिरने से ६ की मौत-
एक शिक्षक के सहारे ६० आदिवासी बच्चे-
आदिवासी बच्चों के लिए वनवासी आश्रम के दरवाजे खुले-
Posted on: Sep 21, 2016. Tags: NEWS SUMANLATA ACHLA
अपन देशवा के लोगवा के जगावे के परी...भोजपुरी सीजीनेट गीत
सुनील कुमार मुजफ्फरपुर बिहार से सीजीनेट के सन्दर्भ में भोजपुरी में एक जन जागरूकता गीत गा रहे हैं:
जगावे के परी हो, जगावे के परी हो जगावे के परी-
अपन देशवा के लोगवा के जगावे के परी-
भगावे के परी हो, भगावे के परी, हो भगावे के परी-
आपन देशवा से, समस्या के भगावे के परी-
भइया हो तू मत उदास, जहां भी हो तू दो आवाज-
आपन बतिया के सीजीनेट में बतावे के परी-
आपन देशवा के लोगवा के...
जब होई जानकारी, मदद मिली सरकारी-
सीजीनेट में पन बतिया बतावे के परी-
आपन देशवा के लोगवा के...
शरम-लाज छोड़के तू बोलिहा-
सीजीनेट के नंबर लगइहा-
अपन हकवा के बतिया, सीजींनेट में सुनावे के परी-
अपन देशवा के लोगवा के...
Posted on: Sep 20, 2016. Tags: SONG Sunil Muzaffarpur VICTIMS REGISTER
समय आ गइल अबहु भईया: भोजपुरी देशभक्ति गीत...
सुनील कुमार मुजफ्फरपुर बिहार से भोजपुरी भाषा में देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
समय आ गइल अबहु भईया-
करे के बा चढ़ाई-
मंत्री चाहे मजदूर के बेटा-
देश के सैनिक बन जाई-
करी देश के सेवा सबहु-
चुप न रहब , लड़ब अबहु-
मातृभूमि के रक्षा खातिर-
सिखब अड लड़ाई-
दुश्मन के बुरी नजर बा-
आपन हिन्दुस्तान पर-
देश के युवा जाग गईल बा-
छोड़ल अब रजाई...
Posted on: Sep 19, 2016. Tags: SUNIL KUMAR
जय जय जय विश्वकर्मा महाराज, सृजन के देव हो तुम पर नाज...श्रम देव गीत
सुनील कुमार , मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार ) से विश्वकर्मा गीत सुना रहें हैं :
जय जय जय विश्वकर्मा महाराज-
सृजन के देव हो तुम पर नाज-
कल करखाने में तुम हो विराजे-
निर्माण हो वहाँ तुम काजे-
श्रम के देव महान-
झांझ मृदंग ढ़फली बाजे-
पुरी दुनिया में तुम हो विराजे-
घर घर होत हैं सम्मान...
Posted on: Sep 16, 2016. Tags: SUNIL KUMAR
हिन्दी हैं हम करोड़ो करोड़, देश की रक्षा करने वाले...गीत
सुनील कुमार मालीघाट मुजफ्फरपुर बिहार से हिन्दी दिवस पर गीत सुना रहें हैं :
हिन्दी हैं हम करोड़ो करोड़-
देश की रक्षा करने वाले-
देश की आन पर मरने वाले-
आपस में कोई गैर नहीं हैं-
मजहब की तकरार नहीं हैं-
हिन्दी हैं हम कुछ और नहीं हैं-
हमें जुदा संसार नहीं हैं-
नस- नस से जो लहू बहा है-
साथ बहा है , साथ सहा है-
एक ही रास्ते कदम बढ़ा है-
हमें नजर में एक जहाँ हैं-
ख्याल नई दुनिया का लाओ-
गम आलम को दूर हटाओ-
प्यारे ऐ हम वतनों आओ-
भारत को आबाद बनाओ-
मिलकर सब आवाज उठाओ...
