हमारे गाँव में पक्की रोड और पुल का निर्माण नहीं होने से लोगो को आने जाने में दिक्कते आती है...
ग्राम पंचायत-मसेनार, पोस्ट-नकुला, जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से सुखसागर सिंह पावले ग्रामीण केशव और जोगा के सांथ हैं जो बता रहे हैं कि हमारे गाँव के बुरुम पारा में सीसी रोड़ और पुलिया नहीं है जिसके कारण बारिश में बहुत दिक्कत होती है, कीचड़ हो जाता है, लोगो को आने-जाने में दिक्कतें आती है इसके लिए इन्होने अपनी बात को सरपंच, सचिव के पास कई बार रखा लेकिन ये कोई ध्यान नहीं देते इसलिए ये सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरो पर अधिकारियों से बात कर उनसे अनुरोध करें जिससे इनके गाँव में सीसी रोड का निर्माण हो सके : सचिव@7587256492, कलेक्टर@9179530000.
अनिल कुमार अतरा@7470765769.
Posted on: Oct 27, 2017. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAVLE DANTEWADA VICTIMS REGISTER
काले-काले ददेनोने काले-काले दातिन...गोंडी गीत -
ग्राम-बड़ेकमेली, पोस्ट-भांसी, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से पुदुरुम एक गोंडी गीत सुना रहे है:
नोनी नोनी व्यया नानो नेदातनो-
काले-काले ददेनोने काले-काले दातिन-
अदायो नोने दयरों ने दायनो ने दया व्यया-
काले-काले ददेनोने काले-काले दातिन...
Posted on: Oct 27, 2017. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAVLE DANTEWADA VICTIMS REGISTER
लक्ष्मण लिए बान रामा हिरनिया मारै...विवाह गीत
ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकिनी मिश्रा एक विवाह गीत सुना रहे हैं:
लक्ष्मण लिए बान रामा हिरनिया मारै-
जाए हिरानियां बाग विच बोली-
फुलवन के उठी रामा हिरनियाँ मारै-
जाए हिरनियाँ ताल विच बोली-
पत्थर के उठी रामा हिरनियाँ मारै-
जाए हिरनियाँ कुआ विच बोली-
ढ़ीमरिन के उठी राम हिरनियाँ मारै...
Posted on: Oct 27, 2017. Tags: MANDAKINI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER
सच है विपत्ति जब आती है...कविता -
ग्राम-गंजेनार, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से सादर भास्कर और चयन मरकाम एक कविता सुना रहे है:
सच है विपत्ति जब आती है-
कायर को ही दहलाती है-
सूरमा नही विचलित होते-
क्षण एक नहीं धीरज खोते-
विघ्नों को गले लगाते हैं – काटो में राह बनाते हैं...
Posted on: Oct 27, 2017. Tags: MAHAVEER SINGH PAWLE DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
याओ रे गढ़ दाता नानो वे...नवाखाई गोंड़ी गीत -
ग्राम पंचायत-गंजेनार, जिला-दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से गुड्डी एक गोंडी गीत सुना रहें है जिसे नवाखाई उत्सव के समय गाया जाता है जब आदिवासी नए अन्न की पूजा करते हैं और उसके बाद ही उसे खाना शुरू करते हैं :
याओ रे गढ़ दाता नानो वे – अवेआ- अवेआ नानो वे – अले नानो केला नानो वे – कले नून पटतुना नानू वे
रे गढ़ दाता नानो वे – अवेआ-अवेआ नानो वे...

