हमारे गाँव के स्कूल का छत फटा हुआ है पानी टपक रहा है, दो साल से किचन में पढाई चल रही है...
ग्राम-तोकजबेली, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनकुराम, गुरुदास सरोठे और अर्जुन मठामी बता रहे है कि उनके गाँव का स्कूल का छत फटा हुआ है और पूरा पानी टपक रहा है बच्चे लोग पढाई नहीं कर पा रहे है| किचन रूम में बैठकर पढाई कर रहे है ऐसा दो ढाई साल से चल रहा है उसके लिए गाँव के लोगो ने जनपद ऑफिस में दो बार आवेदन भी दिए थे लेकिन आज तक उसका कोई सुनवाई नहीं हुआ | तो उनका कहना है कि स्कूल की छत को ठीक किया जाए | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन नम्बरों में अधिकारियो से बात कर स्कूल की छत को ठीक किया जाए : CEO@07868222203, 9425258269. अधिक जानकारी के लिए संपर्क@7647013487.
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG EDUCATION GURUDAS SAROTHE KANKER MANKURAM PAKHANJUR SONG VICTIMS REGISTER
हे येलो झेलो कनकी नूका झाजी रो हे येलो झेलो...गोटुल गोंडी नृत्य गीत
ग्राम-मेकावाही, पंचायत-शंकरनगर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ आदिवासी युवक युवतियां गोटुल में नृत्य करती हुए एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रेलों येलो झेलो कनकी नूका-
झाजी रो हे येलो झेलो-
जावा लहकी किम रोय हे येलो झेलो-
निमा बेके दाकिरा ये दादा झेला-
हिप्या पिटे जोड़ी रो ये येलो झेलो-
जोड़ी पड़की दाका रो हे येलो झेलो-
नना वेने वायका ये दादा झेला...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG GONDI GOTUL KANKER MOHAN YADAV SONG
वनांचल स्वर : सड़क नहीं है तो हम लोग जंगली देशी जड़ी-बूटियों से बीमारियों का इलाज करते है...
ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, प्रखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुरजू दुग्गा बता रहे हैं कि उनके गाँव में रोड और नदी पर पुल नही है आने जाने में बहुत परेशानी होती है बीमार हालत में अस्पताल जा नही पाते हैं, इसलिए अधिकतर वे अपने इलाज जंगली जड़ी-बूटी से करते हैं, गाँव में अनेक तरह के गुनिया, वैद्य हैं जो अलग-अलग बीमारियों का इलाज करते हैं| उन्ही के पास से देशी उपचार करवाते हैं, जैसे सांप, बिच्छु, मलेरिया, पेट में दर्द, सर्दी खांसी का पूरा इलाज देशी जड़ी-बूटी से करते हैं इनका असर नहीं होने से अंगरेजी दवाइयों का उपयोग करते हैं, ये सभी औषधीय पेड़-पौधे हमारे जंगल में ही मिल जाता है उनकी सुरक्षा करनी चाहिए...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG KANKER KOELIBEDA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
अयो अबा सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा...कुडुक भाषा में गीत
ग्राम-भुरभुसी, पंचायत-जबेली, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से निर्मला, बेरनादी टोप्पो और जयमंत एक्का उरांव आदिवासियों की कुडुक भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
अयो अबा सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा-
इना सैली कालो तो भूले रत कालो निला सैली कालो तो भूले रत कालो-
भैया-बहिन सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा-
इना सैली कालो तो भूले रत कालोत निला सैली कालोत तो भूले रत कालो
संगी साथी सान्गे दूलर तिरा ओत पीयर तिरा ओत गा पूप्ले खा...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG KANKER KOELIBEDA KUDUK ORAON SAPNA WATTI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : वनों से प्राप्त चीजों के उपयोग के सांथ साथ हम ग्रामीण वन का संरक्षण भी करते हैं...
ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सोदू दुग्गा सीजीनेट के अमर मरावी को बता रहे हैं कि हमारा गाँव वनों से घिरा है, वनों से जड़ी बूटी, दवाइयां, तेंदू पत्ता, चार, खाने के लिए 50 से भी ज़्यादा प्रकार की सब्जी आदि चीजें प्राप्त करते हैं, साथ ही घर बनाने के लिए बांस, लकड़ी भी प्राप्त करते हैं, कई बार गांव के लोग बाजार नही जा पाते तब वे वनों से प्राप्त चीजों का ही खाने में सब्जी के लिए उपयोग करते हैं, गाँव में लोग वन का उपयोग ही नही करते बल्कि उसका संरक्षण भी करते है, इसके लिए वनों को उपयोग करने के लिए स्थानीय संगठन द्वारा लोगों के लिए एक दायरा तय रहता है और उसी क्षेत्र में लोगो को काम करना होता है |

