यह जीवन है कागज की पुड़िया, हवा चलत उड़ जाना...दादरा गीत-

जिला-शहडोल (मध्यप्रदेश) से मुनिया बाई एक दादरा गीत सुना रही हैं:
यह जीवन है कागज की पुड़िया-
हवा चलत उड़ जाना-
राम कहने में कभी न भुलाना-
जीवन मा नई है ठिकाना-
यह जीवन है नमक का डरिय-
बूंद पड़त घुर जाना...

Posted on: Mar 10, 2019. Tags: BABULAL NETI MP SHAHDOL SONG VICTIMS REGISTER

हम जैसा संस्कार देते हैं वैसा ही आगे बढ़ता है...कहानी-

मोहन की मम्मी मोहन की दादी माँ को मिट्टी के बर्तन में खाना देती है| मोहन प्रतिदिन ये सब देख रहा था| एक दिन मोहन अपनी दादी से पूछ पड़ा कि दादी माँ मम्मी आपको मिट्टी के बर्तन में खाना क्यों देती है| दादी ने जवाब दिया बेटा मै बूढी हो गई हूँ इसलिये| मोहन बोला दादी कल आप खाने को हांथ में लेकर छोड़ देना तब मै आपको जोर से डाटूंगा लेकिन आप बुरा मत मानना| अगले दिन दादी ने वैसा ही किया| तब मोहन दादी को चिल्लाकर बोला दादी आप मिट्टी के बर्तन को तोड़ दिए अब मै मम्मी पापा को बूढ़े होने पर किसमे खाना दूंगा| ये सारी बात मोहन की मम्मी सुन रही थी| इस कहानी ये सीख मिलती है हम जैसा संस्कार देंगे वैसा ही आगे बढ़ता जायेगा|

Posted on: Mar 09, 2019. Tags: BALRAMPUR CG SONG VICTIMS REGISTER VIJAY MARAVI

आओ-आओ, देखो-देखो क्या बात हुई है...कविता-

बिश्रामपुर (छत्तीसगढ़) से दानवीर सिंह बाल विवाह पर एक कविता सुना रहे हैं:
आओ-आओ, देखो-देखो क्या बात हुई है-
क्यों मचाया हल्ला पूरा देखो गांव-
देखो पूरा मोहल्ला-
अरे ओ ताऊ अरे ओ भाई-
अरे ओ ताई, देखो ओ माई-
आओ-आओ, देखो-देखो हर तरफ हो रहा बच्चो के साथ अत्याचार...

Posted on: Mar 08, 2019. Tags: BISHRAMPUR CG DANVIR SINGH POEM SONG VICTIMS REGISTER

मोर माई रेवा, अमरकंटक कंटक के नरबदा...गीत-

ग्राम-रोदीटोला, पंचायत-मोहंदी, पोस्ट-खाती, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से अशोक बांधव एक गीत सुना रहे हैं :
मोर माई रेवा, अमरकंटक कंटक के नरबदा-
अमरकंटक कंटक के नरबदा-
अमरकंटक कंटक के नरबदा-
मोर माई रेवा, अमरकंटक कंटक के नरबदा...

Posted on: Mar 08, 2019. Tags: ANUPPUR ASHOK BANDHAV MP SONG VICTIMS REGISTER

तू प्यार का सागर, सागर दया का तू है...गीत-

ग्राम-मोहंदी, पोस्ट-खाटी, थाना-अमरकंटक, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से अशोक बांधव एक गीत सुना रहे हैं :
तू प्यार का सागर, सागर दया का तू है-
तेरे प्यार के सागर में, हम तैरना चाहते हैं-
गहराई मिले सागर की, ऊंचाई मिले असमान की-
पर कोई नाप न पायेगा गहराई तेरे प्यार की-
परमेश्वर होने पर भी तूने मानव रूप धारण किया...

Posted on: Mar 08, 2019. Tags: ANUPPUR ASHOK BANDHAV MP SONG VICTIMS REGISTER

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